बुरी तरह उपेक्षित है महाराष्ट्र के पुणे में हिन्दुओं का पावन तीर्थ पौराणिक महत्व का वृद्धेश्‍वर-सिद्धेश्‍वर घाट

महानगरपालिका से नजदीक स्थित घाटपर यदि ऐसी स्थिति होगी, तो अन्य स्थानों के विषय में पूछना ही नहीं चाहिये ! गणेशोत्सव के समय जलप्रदूषण का रोना रोनेवाली महानगरपालिका एवं कथित पर्यावरणप्रेमी अब कहां छिपे हैं ? इन खबर को पढ़ कर आप के मन में ऐसे सवाल यकीनन आयेंगे ही और मन में एक प्रश्न और आएगा की सदा उपेक्षा हिन्दुओं और हिन्दू स्थलों की ही क्यों ?

ये मामला भाजपा और शिवसेना शासित महाराष्ट्र प्रदेश के प्रसिद्ध शहर पुणे का है जहाँ हिन्दुओं के एक अति प्रसिद्ध स्थल बुरी तरह से हो रहा है उपेक्षा का शिकार और उस पर उच्च से ले कर स्थानीय तक किसी की भी दृष्टि नहीं जा रही ..ज्ञात हो की आेंकारेश्‍वर मंदिर के निकट वृद्धेश्‍वर-सिद्धेश्‍वर घाटपर स्थित नदीपात्र में गंदगी का साम्राज्य फैल गया है। वहां बडी मात्रा में प्लास्टिक, तलछट, थर्माकोल, साथ ही गंदगी की परत बैठी है और वहां के कचरे में एक प्राणी भी मरा पडा था।
महानगरपालिका से अत्यल्प दूरीपर ही इतनी बडी मात्रा में जलप्रदूषण होते समय महानगरपालिकाद्वारा इसकी उपेक्षा की जा रही है। इस संदर्भ में घनकचरा व्यवस्थापन विभाग के प्रमुख सुरेश जगताप से संपर्क करने पर उन्होंने इस विषय में अधिक बोलना टालकर वहां कचरा कैसे आ गया, किसी ने डाल दिया, इसको देखना पडेगा और कचरा निकाल दिया जाएगा, ऐसा कहते हुए विषय को समेट लिया।  यह स्थान जनपदमंत्री गिरीश बापट के निवास से भी बेहद अल्प दूरीपर है ! सुदर्शन न्यूज़ पुणे प्रशासन को इस तरफ ध्यान दिलाते हुए इस उपेक्षा को तत्काल दूर करने की मांग करता है . 
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