नाबालिग को सूनसान जंगल में खींच ले गया दरिंदा मौलवी शफीक अल कासिमी.. फिर नोंच डाली मासूम की आबरू

शफीक अल कासिमी कहने को तो एक मौलवी था जो समाज को ईमान की, अमन की, मोहब्बत की तालीम देता था तथा लोग उसका सम्मान करते थे. लेकिन शफीक अल कासिमी की हकीकत क्या थी, इसे सिर्फ वही जानता था. ईमान की तालीम की आड़ में शफीक अल कासिमी के निशाने पर मासूम बच्चियां रहती थी, जिनके साथ वह अपनी हवस मिटाना चाहता था. और फिर एक 3 वर्षीय मासूम उस दरिन्दे मौलवी शिकार बन गई, जिसके साथ उसके क्रूरतम तरीके से बलात्कार की घटना को अंजाम दिया तथा उसके बचपन को कुचल दिया.
नाबालिग के साथ क्रूरतम दुष्कर्म का ये मामला दक्षिण भारत के राज्य केरल के तिरुवंतपुरम का है जहाँ एक मौलवी पर 15 साल की एक लड़की का उत्पीड़न करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. बताया गया है कि मौलवी शफीक अल कासिमी 15 वर्षीय लड़की को पिछले सप्ताह इस क्षेत्र में एक सूनसान स्थान पर ले गया और कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया. जब मौलवी नाबालिग के   साथ दुराचार कर रहा था तो स्थानीय महिलाओं के समूह ने देख लिया, जिसके बाद मौलवी भाग गया. इसके बाद महिलाओं ने नाबालिग से इस बारे में पूंछताछ की.
बताया गया है कि बलात्कारी शफीक अल कासिमी वीथुरा के थलीकोड की एक ग्रामीण मस्जिद में मौलवी के रूप में काम करता है. घटना सामने आने के बाद मौलवी को उसके पद से हटा दिया गया है तथा शिकायत के आधार पर मौलवी के खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
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