मासूम बच्चो के साथ भयानक मॉब लिंचिंग. बस ड्राइवर को दांत से काटा.. “गाय इंसान से बड़ी नहीं” कहने वालों ने बकरी के लिए किया ये सब

अब अचानक ही छा गयी है उन बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार के तथाकथित ठेकेदारों में ख़ामोशी जो कुछ समय पहले ही कहा करते थे कि इंसान की जिन्दगी गाय से छोटी नहीं हो सकती है. वो ऐसे लोग थे जो खूब हल्ला मचाते रहे आपसी झगड़े को मोब लिंचिंग का नाम दे कर , ख़ास कर तब जब पीड़ित कोई मुस्लिम था .. लेकिन अब जो कुछ भी हुआ है मध्य प्रदेश में उसको जान बूझ कर दबाने की कोशिश की जा रही है क्योकि इस बार मामला उल्टा है .

ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार जाते ही कमलनाथ की सरकार बनी है . कमलनाथ की सरकार को बनवाने में NOTA दबाने वालों का भी बड़ा योगदान रहा है . अब उसी सरकार में हुआ है जो कुछ भी वो किसी के रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी था .. मध्य प्रदेश के इंदौर की उस बस को घेर लिया गया था और हर तरफ से आवाज आ रही थी मारो मारो या काटो काटो . ये भीड़ आरोपी शकील, रफीक, रशीद, आरिफ, शाबीर, आसिफ, नईम, नासीर, जावेद, नौशाद, महमूद, अल्पेश और रिजवाना के नेतृत्व में उन्मादी हुई थी जिनके ऊपर पुलिस ने बलवा, मारपीट व पथराव का केस दर्ज किया है..

खुड़ैल पुलिस के मुताबिक घटना शनिवार सुबह 9 बजे की है। सोनी इंटरनेशनल स्कूल की बस (एमपी09/एफए/8616) बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रही थी। इसी दौरान काजी पलासिया में अचानक बस के स्टेरिंग और ब्रेक फेल हो गए। ड्राइवर मुकेश ने बच्चों और बस को बचाने के लिए बस खेत में उतार दी। खेत में कुछ बकरियां चर रही थीं, तो एक बकरी को बस से टक्कर लग गई। इससे बकरी का पैर टूट गया। यह बात पता चलते ही बकरी मालिक ने करीब 20 गांव वालों को बुला लिया। गांव वालों ने बस को घेर लिया..

बस (एमपी 09 एफए 8616) के सामने आए बकरी के बच्चे को बचाने के लिए ड्राइवर ने तेजी से ब्रेक लगाए तो ब्रेक फेल हो गए। ड्राइवर ने बच्चों को बचाने के लिए बस खेत में उतार दी। इसी दौरान एक बकरी के बच्चे को बस की टक्कर लग गई, जिससे उसका पैर टूट गया। इसके बाद गांव वालों ने बस पर पथराव कर दिया। इससे नौ बच्चे घायल हो गए। एक महिला ने ड्राइवर के गले को दबाते हुए उसे काट लिया।

इसी दौरान वहां मौजूद मजहबी उन्मादी बच्चो से भरी उसी बस पर टूट पड़े. अंदर से बच्चे चीख रहे थे और हाथ जोड़ कर खुद को छोड़ देने की गुहार लगाते रहे .. पर उन्मादी नारों के बीच में उनकी किसी ने भी नहीं सुनी . ड्राइवर-कंडक्टर बच्चों का हवाला देकर ग्रामीणों को रोकते रहे पर वे नहीं माने। बस में मौजूद शिक्षक ने स्कूल प्रबंधन को सूचना दी तो डायल-100 मौके पर पहुंची। पुलिस को देख ग्रामीण भाग गए। डीएसपी हेड क्वार्टर अजय वाजपेयी व खुड़ैल पुलिस मौके पर पहुंची और बस को कब्जे में किया। डीएसपी ने बताया कि बस में लगे सीसीटीवी कैमरे में पथराव करने वाले करीब 13 ग्रामीणों के फुटेज मिले हैं।

 

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