मथुरा में भयानक मॉब लिंचिंग, भारत यादव को मजहबी उन्मादियों ने पीट-पीट कर मार डाला.. लेकिन चुप हैं अखिलेश यादव

अब वो सभी कथित धर्मनिरपेक्षता तथा लोकतंत्र के पैरोकार कथित बुद्धिजीवी, अवार्ड वापसी गैंग, खान मार्केट गैंग कथित लिबरल मौन हो गये हैं. उनके लिए मजहबी उन्मादियों की भीड़ द्वारा भारत यादव की क्रूरतम ह्त्या मॉब लिंचिंग नहीं है. लेकिन अगर भारत यादव का नाम अख़लाक़ होता, पाहू खान होता, रकबर होता तो अभी तक लोकतंत्र खतरे में आ गया होता, संविधान की धज्जियां उड़ गईं होती लेकिन चूँकि मृतक का नाम भारत यादव है तथा उसकी ह्त्या मजहबी उन्मादियों ने पीट पीट कर की है तो इन लोगों के लिए ये क्रूरतम वारदात मॉब लिंचिंग नहीं है और न ही भारत यादव की ह्त्या से लोकतंत्र खतरे में आया है.

लेकिन इससे भी बड़ा सवाल ये है कि मजहबी उन्मादी लस्सी के पैसे मांगने पर लस्सी विक्रेता भारत यादव की पीट पीट कर जान ले लेते हैं लेकिन खुद को यादव समाज का सबसे बड़ा रहनुमा बताने वाले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव क्यों चुप हैं? यादव स्वाभिमान की बात करने वाले अखिलेश यादव का स्वाभिमान मथुरा के भारत यादव के लिए क्यों नहीं जाग रहा तथा आखिर वह क्यों भारत यादव के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं? इसलिए क्योंकि भारत यादव की ह्त्या उन मजहबी उन्मादियों ने की है जिन्हें वह अपना वोटबैंक समझते हैं?

मामला योगेश्वर श्रीकृष्ण की जन्मभूमि उत्तर प्रदेश के मथुरा के चौक बाज़ार का है जहाँ लस्सी विक्रेता भारत यादव द्वारा लस्सी के पैसे मांगे जाने पर मजहबी उन्मादी भड़क उठे तथा उस पर हमला कर दिया. उन्मादियों की मारपीट से घायल भारत यादव ने उपचार के दौरान शनिवार देर रात दम तोड़ दिया. इसकी सूचना जैसे ही चौक बाजार क्षेत्र में पहुंची व्यापारियों ने दुकानें बंद कर सड़क पर जाम लगा दिया. तमाम हिन्दू संगठन व्यापारियों के साथ बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आये तथा उन्मादी आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की. हालात बिगड़ते देखे मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा.

बता दें कि पिछले शनिवार 18 मई की रात करीब आठ बजे चौक बाजार में नत्थो लस्सी भंडार पर मुस्लिम समुदाय के चार युवक लस्सी पीने आए, लस्सी पीने के बाद पैसे मांगने पर युवकों का दुकान पर बैठे नत्थो के बेटे पंकज और भारत से विवाद हो गया. उन्मादी युवक उस समय तो चले गए पर लगभग डेढ़ घंटा बाद अपने दर्जन भर साथियों के साथ लौटकर आए. सभी के हाथ में लोहे की रॉड, डंडा और तमंचा आदि थे. आते ही उन्मादियों ने दोनों भाइयों को बुरी तरह पीटा. इसके बाद अन्य दुकानदार भारत तथा पंकज को बचाने आये तब उन्मादी भाग गये.

उन्मादियों के हमले में गंभीर रूप से घायल भारत को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पुलिस ने भारत के भाई पंकज की तहरीर पर हनीफ और शाहरूख समेत 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया था. घटना के विरोध में सोमवार को व्यापारियों तथा हिन्दू संगठनों  ने जाम लगाते हुए पुलिस पर आराेपितों की गिरफ्तारी की मांग की थी. इधर शनिवार को भारत की इलाज के दौरान मौत हो गई. रविवार सुबह जैसे ही बाजार खुला, लेागों को घटना के बारे में पता चला तो उनमें आक्रोश फैल गया तथा उन्होंने चौक बाजार में जाम लगा दिया. मौके पर कोतवाल केके तिवारी, सीओ विनय सिंह चौहान, चौकी प्रभारी भरतपुर गेट प्रबल प्रताप सिंह आदि पहुंच गए तथा जैसे तैसे आक्रोशित लोगों को समझाया तथा न्याय का भरोसा दिलाया.

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