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अहमदाबाद धमाकों का दोषी मोहम्मद अबरार पाया सजा, दस साल की जेल

भारत हमेशा से ही आतंकवाद से जूझता आया है। इस देश ने जम्मू से लेकर अहमदाबाद तक कई आतंकवादी हमले देखे हैं। ऐसा ही कुछ दिल दहलाने वाला मंजर 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में देखा गया। अहमदाबाद के लोगों के लिए यह सबसे काले दिनों की याद दिलाते हुए अपनों को खोने के जख्मों को ताजा करता है। दरअसल, अहमदाबाद में 26 जुलाई 2008 को 70 मिनट में एक के बाद एक 21 बम ब्लास्ट हुए थे।

इस आतंकी हमले में 56 लोगों की जान चली गई थी। बता दें कि यह बम ब्लास्ट दो फेस में किया गया था। सबसे पहले यह बम ब्लास्ट अहमदाबाद के सीटी मार्केट में हुआ था। हमले में घायल लोगों को जब ट्रीटमेंट के लिए अस्पताल ले जाया गया तो अस्पताल के अंदर फिर बम ब्लास्ट हुआ। इस दिल दहलाने वाली वारदात ने पूरे शहर के पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया था। वहीं, इस मामले में आईएम का सदस्य यासीन भटकल मुख्य आरोपियों में से एक था।

मोहम्मद अबरार उर्फ इस्माइल, बाबू खान और खलील अखिल खिलजी उर्फ शकेर हुसैन इस मामले में संदिग्ध आरोप है। दोनों आरोपियों को 10 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। वहीं, पूर्व सदस्य सरगना अबु फैजल का गिरोह शहर के हिमायत बाग इलाके में आएगा। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए एटीएस ने एक जाल बिछाया था। आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन आईएम का कथित सदस्य अबरार और उसके तीन साथी जब यहां पहुंचे तो पुलिस टीम ने उन्हें आत्मसमर्पण करने को कहा।

इस बीच, अबरार और उसके साथियों ने पुलिस पर गोली चला दी जिसमें एक कॉन्स्टेबल घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गिरोह के सदस्यों पर गोली चलाई और उन्हें पकड़ लिया। अबरार, खिलजी और दो अन्य के खिलाफ हत्या का प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बाद में अदालत में एक आरोप-पत्र दाखिल किया।  

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