दिल्ली में भरे बाज़ार मार डाली गई कीर्ति.. 49 समर्थकों से मिले मनोबल को मोहम्मद मुनाजिर ने बदला दुस्साहस में

ये संयोग मात्र ही कहा जाएगा या फिर उस चिट्ठी से मिला हौसला, जिसे देखते हुए मोहम्मद मुनाजिर ने कीर्ति माथुर की देश की राजधानी दिल्ली में सरेबाजार चाकुओं से गोदकर ह्त्या कर दी. संयोग इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि जिस दिन 49 कथित बुद्धिजीवियों ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखी कि देश में असहिष्णुता बढ़ रही है, मुस्लिम समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, उन्हें मारा जा रहा है, उसी के ठीक दो दिन बाद मोहम्मद मुनाजिर ने देश की राजधानी दिल्ली में कीर्ति माथुर को मार डाला.

पीएम मोदी ने मन की बात में कहा, कश्मीर में नफरत फ़ैलाने वाले कभी कामयाब नहीं हो सकते..

मामला दक्षिण दिल्ली के भोगल इलाके का है. बताया गया है कि कीर्ति (19) भोगल एरिया में परिवार के साथ किराये के मकान में रहती थीं. आरोपी युवक मुनाजिरर भी लड़की के पड़ोस में किराये के मकान में रहता था. कीर्ति के घर से बाहर निकलते ही आरोपी मुनाजिर कई दिन से उनका पीछा कर रहा था तथा उसे प्रेम जाल(लव जिहाद) में फंसाने की कोशिश कर रहा था लेकिन लड़की उसके झांसे में नहीं आई. इसके बाद भी जब मुनाजिर ने उसका पीछा करना नहीं छोड़ा तो लडकी ने उसके मकान मालिक से उसकी शिकायत कर दी.

सिर्फ तीन तलाक और हलाला ही नहीं.. जानिये क्या होता है हुल्ला, इद्दत और खुला ?

26 जुलाई शुक्रवार की शाम कीर्ति भोगल मार्केट शॉपिंग के लिए निकली थीं. तभी मुनाजिर पीछा करता हुआ बाजार तक पहुंचा. उसने कीर्ति को रोका और दोनों के बीच बहस होने लगी. कीर्ति उसको इग्नोर कर आगे बढ़ी तो इसी दौरान मुनाजिर ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. कीर्ति ने बचने की कोशिश की, लेकिन उसने ताबड़तोड़ 6 बार चाकू गोद दिया. कीर्ति के गले, पेट, कमर और चेहरे पर वार के चलते वह खून से लथपथ सड़क पर गिर गयी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवती को अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन उसने दम तोड़ दिया. इस मामले में पुलिस ने मुनाजिर को गिरफ्तार कर लिया है.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करें. नीचे लिंक पर जाऐं–

Share This Post