मंदसौर की बलात्कार पीड़िता के साथ अब जो कांग्रेस ने किया,, उससे कराह उठी मानवता

इस समय पूरा राष्ट्र मध्य प्रदेश के मंदसौर में 7 वर्षीय मासूम के साथ हुई हैवानियत से दुखी तथा आक्रोशित है. सारा राष्ट्र एक सुर में बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले दरिंदों को फांसी देने की मांग कर रहा है तथा गंभीर हालात में अस्पताल में एडमिट पीड़ित बच्ची के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना कर रहा है, लेकिन इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने मंदसौर की गैंगरेप पीड़िता के साथ जो किया है वो आज तक कभी नहीं किया गया, तथा कांग्रेस पार्टी के इस शर्मनाक कृत्य से सारा राष्ट्र सन्न है तथा कांग्रेस की आलोचना की जा रही है.

आपको बता दें कि मंदसौर गैंगरेप मामले में शिवराज सिंह सरकार को घेरने, स्थानीय भाजपा नेताओं के हौंसले गिराने और आरोपियों को सजा ए मौत देने की मांग करने के लिए एकजुट हुए शाजापुर जिले के कांग्रेसी नेताओं ने जेल जाने वाली हरकत करते हुए पीड़िता के साथ जो किया उससे मानवता कराह उठी. कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ ही 7 साल की मासूम पीड़िता का फोटो सार्वजनिक कर दिया. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने यौन हिंसा की पीड़ित महिलाओं एवं उनके परिवारों की पहचान सार्वजनिक करने पर रोक लगाई है. ऐसा करने वालों को गिरफ्तार किया जा सकता है. उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का केस चलाया जा सकता है. उन्हे जेल भेजा जा सकता है. मंदसौर में हुये जघन्य रैप कांड के विरोध में शुजालपुर युवक कांग्रेस ने कैंडल मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया. कैंडल मार्च में भाजपा और शिवराज के खिलाफ नारेबाजी की गई. युवक कांग्रेस नेताओं ने चौराहे पर पीड़िता का फोटो लगाया और उसके सामने कैंडल जलाए. इतना ही नहीं नेताओं ने इस कार्यक्रम के फोटो सोशल मीडिया पर भी वायरल किए. कलेक्टर निशांत वरवड़े ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पुलिस को आईटी एक्ट के तहत एफआईआर के निर्देश दिए हैं. आईटी एक्ट के तहत 7 साल तक की सजा का प्रावधान भी है.

देश की जनता द्वारा पूरी तरह से नकारी जा चुकी कांग्रेस इस कदर बौखला गई है कि वह बलात्कार जैसे जघन्य अपराध पर भी राजनीती करने से बाज नहीं आ रही है. एकतरफ जहाँ मासूम पीड़िता अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है लेकिन इधर कांग्रेस पार्टी बच्ची के साथ हुई बर्बरता पर राजनीति कर रही है. ये जानते हुए भी कि न सिर्फ बलात्कार पीड़िता बल्कि उसके परिजनों तक की पहिचान को सार्वजनकि नहीं किया जा सकता है, इसके बाद भी कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने पीड़िता का फोटो न सिर्फ चौराहे पर लगाया बल्कि उसको सोशल मीडिआ पर वायरल कर दिया जो एक अपराध है. अब प्रशासन को चाहिए कि बच्ची का फोटो सार्वजनकि करने वाले कोंग्रेसी नेताओं के खिलाफ कार्यवाही करें.

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