भाजपा के विरोध में जनसमर्थन की उम्मीद लगा कर धरना दे रही थी कांग्रेस… अचानक वहां पहुंची करणी सेना और मच गया हंगामा

भारतीय जनता पार्टी के धरना प्रदर्शन कर रही कांग्रेस पार्टी को उम्मीद थी कि उसे जनता का समर्थन मिलेगा तथा जिस तरह से SCST एक्ट के विरोध में तमाम तथा सवर्ण तथा ओबीसी संगठन लामबंद हैं, उसमें कांग्रेस को उम्मीद की किरण दिखाई दे रहे रही है कि जनता के इस आक्रोश का फायदा उसको मिल सकता है. लेकिन कांग्रेस की ये गलतफहमी मध्य प्रदेश के विदिशा में उस समय दूर हो गयी जब पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि एवं महंगाई के खिलाफ जिला कांग्रेस द्वारा दिए जा रहे धरने पर करणी सेना के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया. पुलिस बल ने करणी सेना के कार्यकर्ताओं को बमुश्किल वहां से हटाया.

बता दें कि विदिशा जिले में कांग्रेस भाजपा सरकार के खिलाफ धरना दे रही थी, इसी दौरान करणी सेना के कार्यकर्ता वहां पहुँच गये तथा हंगामा शुरू कर दिया. करणी सेना के प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेताओं से पूछा कि एससीएसटी एक्ट में जब संशोधन हो रहा था. उस समय क्या आप और आपके नेताओं ने चूड़िया पहन रखी थी तथा अब भी मौन धारण किए हुए हो. इस दौरान कांग्रेस नेता बार-बार आंदोलनकारियों से शांति से अपना विरोध प्रदर्शन करने की बात कहते रहे. उनका कहना था कि हम तो मूल्यवृद्घि के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन दोनों तरफ से हो रही नारेबाजी के चलते कोई किसी की बात नहीं सुन रहे थे.  इस दौरान पुलिस ने बमुश्किल उन्हें वहां से हटाया तो जाते-जाते कुछ करनी सेना के सदस्यों ने कुर्सियां फेंक दीं.

इसके बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए करणी सेना के जिलाध्यक्ष रणधीरसिंह राजपूत ने कहा कि डीजल-पेट्रोल का बहाना बनाकर यहां पर धरना दे रहे कांग्रसी उस समय कहां थे जब संसद के अंदर काला कानून बन रहा था. भाजपा ने कानून पास करा लिया और कांग्रेसी मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहे. किसी ने इस एक्ट को गंभीरता से नहीं लिया. इसलिए जब तक एक्ट में संशोधन नहीं किया जाता. तब तक करणी सेना किसी भी राजनैतिक दल का कार्यक्रम नहीं होने देगी.

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