मंदसौर की उस नाबालिग के बयान को सुनकर आँखों से निकल जाएंगे आंसू.. जिसको भेड़ियों जैसा नोंच डाला इरफ़ान ने

अंकल मुझे मिठाई देने का बोलकर अपने साथ ले गए थे. उसके स्बाद अंकल मेरे साथ गंदा काम करने लगे, में चीखती रही, चिल्लाती रही लेकिन अंकल नहीं माने तथा मेरे साथ गंदा काम करते रहे.मैंने रोटरी हुए बार बार अंकल से कहा कि अंकल ऐसा मत करो मेरे दर्द हो रहा है लेकिन अंकल नहीं माने और मेरे साथ मारपीट की तथा गंदा किया. गंदी हरकत करने के बाद अंकल ने चाकू से मेरा गला काट दिया, फिर उसके बाद मुझे नहीं पता कि क्या हुआ.

ये शब्द हैं पिछले दिनों मध्य प्रदेश के मनदसौर में इरफ़ान तथा आसिफ की दरिंदगी का शिकार हुई मासूम बच्ची के. मासूम पीड़िता ने जब ये बात बयान लेने वाले अधिकारियों को बताई तो  मासूम की भाषा में दोनों दरिंदों द्वारा उसके साथ की गई हैवानियत की बात सुनकर बयान लेने गए अधिकारियों की आंखें भी भर आईं. पीड़िता ने बताया कि किस तरह से दरिंदे इरफ़ान तथा आसिफ ने उसे भेड़ियों की तरह नोंचा, उसे सुनकर हर किसी की आँखों से अश्रुधारा बह निकली. आपको बता दें कि सामूहिक दुष्कर्म से पीड़ित बालिका के मामले में मंगलवार को पुलिस द्वारा पेश किए गए 350 पेज के चालान में बालिका के बयान भी शामिल किए गए हैं. सूत्रों की मानें तो बालिका अभी मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं होने के कारण पुलिस ने उसके प्रारंभिक बयान लिए हैं, जो लगभग एक से डेढ़ पेज के हैं. इसमें बालिका ने स्कूल से ले जाने के साथ ही बेहोश होने तक की दर्दनाक आपबीती अपने मासूम लफ्जों में बताई है. अहसनीय दर्द के कारण बालिका के बेहोश होने के बाद दोनों आरोपित उसे मरा हुआ समझकर छोड़कर भाग गए थे.

सामूहिक दुष्कर्म से पीड़ित बालिका के मामले में पुलिस ने घटना के 14 दिन बाद मंगलवार को लगभग 350 पेज का चालान पॉक्सो एक्ट की विशेष कोर्ट में न्यायाधीश निशा गुप्ता के समक्ष पेश किया. इसमें 92 गवाह भी रखे गए हैं. लगभग 100 साक्ष्य भी शामिल किए गए हैं. लोगों के आक्रोश के चलते दोनों आरोपितों की जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराई गई. मंगलवार सुबह से ही पुलिस कोर्ट में चालान पेश करने की बात कर रही थी. 5 जुलाई को कोर्ट ने दोनों आरोपितों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा था. इस लिहाज से उनकी पेशी 16 जुलाई को होना थी. इस पर पुलिस ने सुबह कोर्ट में एक आवेदन पेश कर मंगलवार को ही चालान पेश करने की अनुमति मांगी. अनुमति मिलने के बाद शाम 4 बजे उप संचालक अभियोजन बीएस ठाकुर, एसआईटी प्रभारी सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला, निरीक्षक पुष्पा चौहान व अन्य पुलिसकर्मी पॉक्सो एक्ट की विशेष कोर्ट में चालान पेश करने पहुंचे. यहां एक बॉक्स में जब्त सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर व अन्य सामान रखे गए थे. गवाहों की सूची में एसआईटी से जुड़े पुलिस अधिकारी, बच्ची को सबसे पहले देखने वाले लोग, सामान जब्ती के समय उपस्थित लोग, उपचार करने वाले मंदसौर व इंदौर के चिकित्सकों सहित स्वास्थ्यकर्मी, इसके अलावा बालिका के स्कूल के आसपास के कुछ लोगों को भी शामिल किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि वह चाहते हैं कि मासूम के साथ दरिंदगी करने वाले दोनों आरोपियों को न्यायलय से वो सजा मिले जो एक मिशाल बने तथा इसके लिए वह अपनी तरफ से जो भी कानूनन संभव है, कर रहे हैं.

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