7 साल की बच्ची के साथ हुए राक्षसी कुकृत्य के बाद उबल पड़ा है राष्ट्र..जनता उतरी सड़कों पर और वो रेप नहीं गैंगरेप था

मध्य प्रदेश के मंदसौर में हुए बर्बर बलात्कार मामले में एक सनसनीखेज खुलासा है. आपको बता दें कि मंदसौर में ७ वर्षीय मासूम के साथ रेप नहीं बल्कि सामूहिक रेप हुआ हैं. मंदसौर में नाबालिग बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने 24 वर्षीय एक और आरोपी आसिफ को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया है. गौरतलब है कि इस मामले में एक आरोपी मोहम्मद इरफ़ान की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है. बच्ची के साथ हुए राक्षसी कुकृत्य के बाद केवल मंदसौर या मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरा राष्ट्र आक्रोशित है तथा सड़कों पर उतर आया है. हर तरफ से सिर्फ एक ही आवाज आ रही है कि दरिंदों को फांसी होनी चाहिए.

ज्ञात हो कि मंगलवार को ७ वर्षीय मासूम बच्ची दिव्या(बदला हुआ नाम) का अपहरण कर लिया गया था तथा बेरहमी के साथ दुष्कर्म करने के बाद दरिंदे उसको मृत समझकर झाड़ियों में फेंक कर गए थे, जिसके बाद बुधवार को बच्ची बेहोशी की हालत में बरामद हुई थी. फिलहाल बच्ची की हालात काफी नाजुक बनी हुई है तथा इंदौर के एमवायएच अस्पताल में भर्ती है. डॉक्टर्स का कहना है कि बच्ची की हालत में सुधार हो रहा है लेकिन स्थिति नाजुक है तथा बच्ची पर नजर राखी जा रही है. डॉक्टर्स ने बताया कि जिस समय बच्ची को अस्पताल लाया गया था तो उसकी स्थिति को देखकर खुद डॉक्टर काँप उठे थे. दरिंदों की हैवानियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पहले बच्ची के साथ बेरहमी के साथ बलात्कार किया, फिर कोई रॉड या लकड़ी की कोई मोटी चीज मासूम के गुप्तांगों में डालकर उसको लहूलुहान कर दिया, जिससे उसकी अंतड़िया भी बहार निकल आयी थी. इसके बाद धारदार हथियार से बच्ची के गले सहित पूरे शरीर पर वार किया गया व बच्ची को मृत समझकर मंदसौर बस स्टेण्ड से थोड़ी दूरी पर झाड़ियों में फेंकर फरार हो गए थे.

इस मामले में गिरफ्तार हुए आरोपी इरफान (20) ने पुलिस पूछताछ में बताया कि बच्ची से बलात्कार की वारदात में उसके साथ मंदसौर के मदरपुरा का रहने वाला आसिफ भी शामिल था. इसके बाद पुलिस ने इस मामले के दूसरे आरोपी आसिफ को भी बुधवार को धर दबोचा. आसिफ (24) निवासी मदारपुरा बालिका को स्कूल से लेकर आया और उसे इरफान उर्फ भय्यू खां मेव के हवाले किया था. आसिफ ने भी बालिका से दुष्कर्म किया था. दोनों ने हैवानियत की हद पार कर बालिका को मरणासन्न स्थिति में पहुंचा दिया था. हालाँकि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान साफ़ कर चुके हैं कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जायेगा तथा दरिंदों को फांसी ही दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश जबलपुर आ रहे हैं. मैं वहां जा रहा हूं. यह अनुरोध करूंगा कि ऐसे मामलों का निपटारा जल्द से जल्द हो तथा दरिंदों को फांसी की सजा सुनाई जाए.

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