टीवी पर कह रहे थे हम शांति के पुजारी है.. फोन पर बोले -“फूंक दो थाना”

मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेताओं ने किसानों को आंदोलन के बीच हिंसा और आगजनी के लिए उन्हें उकसाते हुए नजर आये तो वही पर शिवपुरी से कांग्रेसी विधायक शकुंतला खटिक ने थाने में आग लगाने और मार पीट करने के लिए किसानो को भड़कती हुयी नजर आयी कांग्रेस नेताओं के इस हरकत को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है की कांग्रेस मोदी सरकार के विरोध में किस हद तक जा सकती है। आपको बता दे की ये वही कांग्रेस नेता है जिनके उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था की देश को एक नहीं 125 करोड़ चौकीदार चाहिए। ऐसे में चौकीदारी की बात और खुद को किसानों को मसीहा कहने वाली कांग्रेस पार्टी ही किसानो को उकसाने लगी है। 
कांग्रेस नेता और रतलाम जिला परिषद के उपाध्यक्ष डीपी धाकड़ ने तो किसानो को भड़कते हुए यहाँ तक कह दिया की ‘अगर एक भी गाड़ी आ जाए, तो उनमें आग लगा देना.. हम देख लेंगे. कोई भी किंतु, परंतु, थाना-पुलिस किसी से डरने की कोई जरूरत नहीं है. और कल तक मेरी गिरफ्तारी हो जाएगी, तो फिर ये आप सब लोगों की जवाबदारी है। हिंसा को भड़काने और आगजनी करवाने के लिए पुलिस ने डीपी धाकड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है. फिरहाल धाकड़ को अभी तक गिरफ्तार नहीं किये जा सके है. और वह फरार चल रहे है।
बता दे की डीपी धाकड़ के भड़काऊ भाषण का यह नतीजा निकला कि रतलाम के ढेलनपुर गांव में शनिवार को धाकड़ के समर्थकों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जिसमें पुलिस की भी तीन गाड़ियां शामिल थीं. इस दौरान कांग्रेस के समर्थकों द्वारा हुए पथराव में दो पुलिसवाले भी घायल हुए थे. इस मामले में पुलिस ने धाकड़ समेत इलाके के सांसद कांतिलाल भूरिया के प्रतिनिधि राजेश भरावा के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज कर लिया है. पुलिस ने हिंसा और आगज़नी के आरोप में करीब 15 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है, लेकिन भड़काऊ भाषण देने वाले नेता अभी तक फरार हैं और पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए 10 हजार के इनाम का ऐलान भी कर दिया है। रतलाम के एसपी अमित सिंह का कहना है,की हमारे पास पूरे सबूत हैं, जिसमें इन्होंने किसानो सहित भीड़ को हिंसा फैलाने और आगज़नी के लिए उकसाया और व्हाट्सऐप पर मैसेज फैलाए.
आपको दें कि एक दिन पहले कांग्रेस के राऊ से विधायक और AICC के सचिव जीतू पटवारी भी गाली देते हुए भीड़ को उकसाते दिख रहे थे. हालांकि पटवारी का कहना है कि उनका मकसद लोगों को रोकना था. पुलिस लोगों पर लाठिचार्ज कर रही थी, ऐसे में लोगों को शांति बनाये रखने के लिए मैंने ऐसा किया. मध्य प्रदेश के मंदसौर में मंगलवार को प्रदर्शनकारी किसानों के उग्र होने पर पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी, जिसमें छह किसानों की जान चली गई. इस फायरिंग में पांच किसानों की उसी दिन मौत हो गई, जबकि एक अन्य किसान ने शुक्रवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया
Share This Post