#JusticeForDivya कठुआ मामले पर चीखने वाला बॉलीवुड व तथाकथित मानवतावादी आखिर चुप क्यों हैं मंदसौर की घटना पर?

पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर राज्य के कठुआ में हुए बलात्कार काण्ड पर पूरा देश आक्रोशित हो उठा था तथा आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की थी. लेकिन इसके बाद अचानक से बॉलीवुड के तमाम लोग सामने आये तथा घटना को धार्मिक रंग दे दिया. बॉलीवुड कलाकार स्वरा भास्कर, करीना कपूर, सोनम कपूर, हुमा कुरैशी, जावेद अख्तर व् तमाम अन्य सेलिब्रटी ने सोशल मीडिआ पर प्लेकार्ड लेकर अभियान चलाया, ट्वीट किये कि वह हिन्दुस्तानी होने पर शर्मिन्दा हैं.

लेकिन अब मध्य प्रदेश के मंदसौर में दोहराया गया है कठुआ तथा निर्भया पार्ट 2 . मध्य प्रदेश के मंदसौर में ‘निर्भया कांड’ जैसी ही एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है. यहां एक सात साल की बच्ची को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया. उसके पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं. उसका प्राइवेट पार्ट भी लहुलूहान है क्योंकि बलात्कारी इरफ़ान ने बच्ची के प्राइवेट पार्ट में रॉड दाल दी थी तथा इसके बाद धारधार हथियार से गला रेत दिया तथा मृत समझकर झाड़ियों में फेंक दिया था. बच्ची की हालत को देखते हुए डॉक्टरों को उसकी आंत काटनी पड़ी और बाहर की तरफ एक रास्ता बनाकर उसके प्राइवेट पार्ट को ऑपरेट किया गया. फिलहाल बच्ची इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.

बता दें कि यह घटना मंगलवार की है. खबर के मुताबिक, बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब किसी व्यक्ति ने फोन कर पुलिस को सूचना दी कि मंदसौर बस स्टैंड के पास कांटेदार झाड़ियों में एक बच्ची बेहोशी की हालत में पड़ी है और उसके कपड़े फटे हुए हैं, साथ ही उसका पूरा बदन खून से लहुलूहान है. सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पुलिस पहुंची और बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया. लेकिन बच्ची की हालत गंभीर होने की वजह से उसे इंदौर रेफर कर दिया गया. पुलिस ने सीसीटीवी के जरिए आरोपी की पहचान कर उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी का नाम इरफ़ान बताया जा रहा है. बच्ची के साथ दरिंदगी को देखने के बाद स्थानीय लोगों में जबरदस्त गुस्सा है. इस घटना के विरोध में गुरुवार को मंदसौर बंद रहा. साथ ही लोगों ने अपनी-अपनी दुकानों को भी बंद रखा और सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोपी को फांसी की सजा की मांग करने लगे. आरोपी इरफान को 2 जुलाई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

लेकिन यहां सवाल खड़ा होता है कि आखिर कठुआ मामले को धार्मिक रूप देने वाला बॉलीवुड मंदसौर की घटना पर मौन क्यों हैं? आखिर क्यों सोनम कपूर, स्वरा भास्कर, हुमा कुरैशी, करीना कपूर ने मंदसौर की दिव्या को न्याय दिलाने के लिए आपलेकार्ड अभियान न चलाया? आखिर क्यों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी तथा उनकी बहिन प्रियंका गांधी ने मंदसौर की दिव्या के लिए मिडनाइट केंडल मार्च क्यों नहीं निकला? आखिर क्यों दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल कठुआ मामले की तरह ही मंदसौर की दिव्या के लिए आमरण अनशन पर क्यों नहीं बैठी? आखिर नारी सशक्तिकरण की बात करने वाले तथाकथित महिला संगठन मंदसौर की दिव्या के लिए आगे नहीं आ रहे हैं? क्या दिव्या की यही गलती है कि वह हिंन्दू है तथा हिन्दू पीड़ितों के लिए इनमे से कोई आवाज न उठाएगा? आखिर इन लोगों की ये कौन सी सोच है जो बच्चियों के बलात्कार के मामले में भी सेलेक्टिव हो जाती है? बलात्कार से ज्यादा जघन्य अपराध कुछ नहीं हो सकता लेकिन कितने शर्म की बात है कि इसके बाद भी वो लोग जो खुद को तथाकथित रूप से नायक बताते हैं वो भी इन मामलों में सेलेक्टिव हो जाते हैं.

Share This Post