कभी सेक्यूलर गाँव ने रखा था कश्मीरी छात्रों को.. अब बोला- “तत्काल खाली करो हमारी पवित्र भूमि”

पुलवामा आतंकी हमले के बाद राष्ट्र के आक्रोश के बीच पंजाब के अंबाला की मुलाना ग्राम पंचायत से एक बड़ी खबर सामने आई है. खबर के मुताबिक़, अंबाला के मुलाना गांव के सरपंच द्वारा कुछ कश्‍मीरों छात्रों को 24 घंटे के भीतर गांव छोड़ने की चेतावनी दी गई है. मुलाना गांव के सरपंच का आरोप है कि अंबाला की महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले इन कश्मीरी छात्रों के तार आतंकी संगठनों से जुड़े हैं. सरपंच और बजरंग दल ने इस मामले से जुड़ी कुछ तस्‍वीरें पुलिस को सौंपी हैं. ये तस्‍वीरें फेसबुक पर पोस्‍ट की गई थीं. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

मीडिया सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक़, शनिवार को गांव मुलाना के ग्रामीणों ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए रोष मार्च निकाला. इस दौरान सरपंच नरेश चौहान ने गांव में किराये पर रह रहे कश्मीरी छात्रों को गांव छोड़ देने की चेतावनी दी. सरपंच ने इन छात्रों के आतंकियों के साथ संबंध के भी आरोप लगाए. इस बारे में बजरंग दल के नेता भानु प्रताप ने बताया कि उनके पास इन कश्मीरी छात्रों के फेसबुक की तस्वीरें हैं जिनसे इनकी भारत विरोधी गतिविधियों के बारे में पता चल रहा है.

मुलाना के सरपंच नरेश चौहान का कहना है कि दो महीने गांव में रहने वाले कुछ कश्‍मीरी छात्र गलत गतिविधियों में संलिप्‍त पाए गए थे. उस दौरान उन्‍होंने ऐलान करवाया था कि ये लोग अपनी आईडी प्रूफ पंचायत में जमा करा दें लेकिन किसी ने ऐसा नहीं किया. सरपंच ने आरोप लगाया कि इन छात्रों ने पुलवामा हमले के बाद फेसबुक पर पोस्ट कर खुशी का इजहार किया. इसके बाद गांववालों ने फैसला लिया कि कश्‍मीरी छात्रों को अब यहां नहीं रहने दिया जाएगा.

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