महाराष्ट्र में धनंजय देसाई को जमानत.. सिर्फ सुदर्शन न्यूज़ ने उठाई थी इनकी आवाज

सुदर्शन की एक और मुहिम को उस समय सफलता मिली जब महाराष्ट्र के प्रखर हिन्दू राष्ट्रवादी नेता धनञ्जय भाई देसाई को बोंबे हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है. हिन्दू राष्ट्र सेना के प्रमुख धनञ्जय भाई देसाई महाराष्ट्र के पुणे में 24 वर्षीय मोहसिन शेख की भीड़ द्वारा हत्या मामले में मुख्य आरोपी थे तथा जेल में बंद थे. सुदर्शन ने जिस तरह से प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल पुरोहित, कर्नल पठानिया को न्याय दिलाने के लिए लगातार अभियान चलाया था, ठीक उसी तरह धनंजय देसाई के लिए भी सुदर्शन आवाज उठाता रहा है.

आपको बता दें कि जस्टिस साधना जाधव ने 50,000 रुपये के मुचलके पर जमानत देते हुए देसाई को निर्देश दिया है कि सुनवाई पूरी होने तक वे किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम या उनके संगठन से जुड़े कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, देसाई के वकील अभिजीत देसाई ने दलील दी कि इस मामले में अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, इसलिए उनके मुवक्किल को भी जमानत दी जाए. अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि जब भीड़ उत्पात मचाते हुए आगे बढ़ रही थी, तब वो ‘धनंजय भाई जिंदाबाद’ और ‘हिंदू राष्ट्र सेना जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे. देसाई के वकील का दावा है कि मोहसिन शेख की हत्या वाले वारदात के दौरान वे वहां मौजूद नहीं थे और पुलिस 2014 के उनके एक भाषण को सबूत के रूप में इस्तेमाल कर रही है.

धनञ्जय देसाई के वकील मिलिंद पवार ने  शुक्रवार को बताया, ‘अदालत ने उन्हें गुरुवार को जमानत दे दी है, लेकिन अदालत ने शर्तों के साथ एक हलफनामा दायर करने के लिए कहा है. हमने हलफनामा तैयार किया है और उसे भेजा है. एक बार वे इस पर हस्ताक्षर कर देंगे, तो उसे अदालत में पेश किया जाएगा. संभवतः अदालत उन्हें शनिवार तक जमानत पर रिहा कर देगा.’ धनञ्जय भाई देसाई को जमानत की खबर मिलते ही हिन्दूवादी संगठनों में हर्ष की लहर दौड़ गई है तथा हर हिंदूवादी धनञ्जय भाई देसाई की जमानत पर जश्न मना रहा है.

बता दें कि 2014 में फेसबुक पर किसी ने शिवाजी महाराज और शिवसेना के संस्थापक बाला साहब ठाकरे की आपत्तिजनक तस्वीर डाल दी थी. उस घटना के बाद पुणे में हिंदू राष्ट्र सेना ने विरोध प्रदर्शन किया था. आरोप है कि इसी दौरान महाराष्ट्र में सोलापुर के रहने वाला मोहसिन शेख की दो जून 2014 को पुणे में कथित तौर पर हिंदू राष्ट्र सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा हत्या कर दी गई थी. शाम की नमाज से घर लौट रहे मोहसिन पर भीड़ ने हमला कर बुरी तरह पिटाई की थी, जिसकी वजह से मोहसिन मौत हो गई. मोहसिन की मौत के आरोप में धनंजय देसाई जेल में बंद थे.

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