बहन का गला काटकर बगल में इसलिए बैठ गया राहत रजा, जिससे वो जिंदा न बच जाए… आखिर क्या बिगाड़ा था उसकी बहन ने

राहत रजा ने क्रूरतम तालिबानी अंदाज में पहले तो अपनी बहन राहिल जहाँ का गला काट दिया फिर तब तक उसके पास बैठा रहा जब तक वह मर नहीं गई.  गला रेतने के बाद लहूलुहान बहन तड़पती रही, लेकिन हत्यारोपी भाई को जरा भी तरस नहीं आया. बहन की आखिरी सांस टूटने तक वह वहीं बैठा रहा. जब उसे बहन की मौत का यकीन हो गया तब वह कमरे से बाहर निकला. मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के श्यामनगर इलाके का है.

जानकारी के मुताबिक़, राहत ने अपनी बहन राहिल जहाँ की ह्त्या इसलिए की क्योंकि वह राहिल के प्रेम विवाह से नाराज था. बहन ने परिवार वालों की मर्जी के बिना सपा सरकार में राज्य मंत्री रहे फारूख से निकाह किया था. बहन की ह्त्या करने के बाद राहत ने आंगन में चारपाई पर सो रही मां को बताया कि बहन की तबीयत खराब हो गई है. मां जैसे ही कमरे में गई तो हत्यारोपी राहत भाग निकला। बेड पर पड़ी बेटी को लहूलुहान देख रात दो बजे सन्नाटे का माहौल चीखों में बदल गया. बताया गया है कि परिवार में राहत ही बहन के प्रेम विवाह का सबसे ज्यादा विरोध कर रहा था.

जानकारी के मुताबिक़, 11 सितंबर को पूर्व राज्यमंत्री फारुख हसन और राहिल जहां ने प्रेम विवाह किया. इस पर फारुख के परिजनों ने भी आपत्ति जताई. कहा कि उसने पहली बीवी को तलाक दिए बिना दूसरा निकाह कर लिया, जो गलत है. परिजनों ने फारुख पर राहिल जहां को छोड़ने का दबाव बनाया. फारुख की पहली पत्नी ने उसके खिलाफ जानी खुर्द थाने में तहरीर दी. पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया. वहां भी राहिल, फारुख के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही. विवाद बढ़ने पर फारुख और राहिल लिसाड़ी गेट क्षेत्र में किराए पर रहने लगे. चूंकि दोनों पर ही परिजनों का दबाव था, इसलिए वह ज्यादा दिन तक नहीं रह पाए.

सप्ताह भर पहले परिजन राहिल जहां को उसके मायके ले आए. बुधवार को यह मसला सुलझाने के लिए राहिल के परिजनों ने कुछ रिश्तेदार बुलाए. दिनभर पंचायत चलती रही. लेकिन राहिल कुछ भी समझने को तैयार नहीं थी. वह फारुख के साथ ही रहने की बात पर अड़ी रही. दिनभर उसे मनाने की आस में बैठे रिश्तेदार भी शाम होने पर लौट गए. बताया जा रहा है कि इसी से क्षुब्ध होकर भाई राहत उर्फ राजा ने देर रात बहन की गला काट कर हत्या कर दी.

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