बहुत पढी लिखी और स्कूल में पढ़ाती थी अनीता… इसीलिये जब उसकी जिन्दगी में निसार आया तो उसने किसी की एक न सुनी.. फिर एक दिन मिली एक लाश

अनीता काफी पढी लिखी थी तथा एक सरकारी स्कूल में पारा शिक्षिका के पद पर तैनात थी तथा धर्म-मजहब के बजाय इंसानियत को मानती थी. फिर एक दिन उसकी जिन्दगी में निसार अहमद नामक व्यक्ति की एंट्री हुई जो उससे नाम तथा अपनी पहिचान छिपाकर हिन्दू बनकर मिला. अनीता को उससे प्यार हो गया तथा दोनों की शादी हो गई. शादी के बाद अनीता को पता चला कि उसका पति हिन्दू नहीं बल्कि मुस्लिम है तथा फिर एक दिन अनीता की लाश मिली.

मामला झारखंड के गुमला जिले के बिशनपुर का है. खबर के मुताबिक़, पत्नी को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए उकसाने वाले पति यूपी आजमगढ़ निवासी निसार अहमद को बिशुनपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है. बिशुनपुर प्रखंड के चिपरी गांव निवासी नंदलाल उरांव की बेटी अनिता कुमारी को निसार ने अपने प्रेमजाल में फंसाकर शादी की थी. अनिता गांव की सरकारी विद्यालय में पारा शिक्षिका थी. पुलिस ने वर्ष 2016 के 10 दिसंबर को घर के पीछे ही कुछ दूरी पर स्थित करंज के पेड़ में फांसी पर लटकता हुआ अनिता का शव बरामद किया था. घटना के संबंध में मृतका की मां मरियम देवी ने बिशुनपुर थाना में अपने दामाद निसार अहमद पर अनिता को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाकर नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी.

बताया जा रहा है कि निसार ने अपनी पहचान छिपाकर खुद को हिंदू बताकर अनिता से शादी की थी. इन दोनों से दो बच्चे भी हैं. मृतका की मां मरियम ने बताया कि निसार ने खुद को हिंदू बताकर अनिता से शादी किया था. बाद में निसार का आधार कार्ड और वोटर आइडी देखने के बाद पता चला कि वह मुस्लिम है और यूपी का रहने वाला है. बाद में निसार अनिता पर तरह-तरह का आरोप लगाकर अनिता के साथ मारपीट करता था और आत्महत्या के लिए उकसाता रहता था. अनिता का एटीएम कार्ड भी निसार के पास ही रहता था. अनिता को महीने में जो भी वेतन मिलता था. निसार ही उसे खर्च कर देता था. निसार ने अनिता सहित तीन लड़कियों को झांसा देकर शादी किया था.

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