जयश्रीराम बोलते ही गर्दन पर चल गई कटार.. क्या ये नया सेक्यूलर भारत निर्माण हो रहा बंगाल में ?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शासित पश्चिम बंगाल में कथित सेक्यूलरिज्म का खूनी रूप देखने को मिल रहा है. वो सेक्यूलरिज्म जो राज्य में जयश्रीराम बोलने पर पाबंदी लगाता है. खुद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जयश्रीराम बोलने वाले श्रीरामभक्तों को चेतावनी देती हैं कि अगर उन्होंने जयश्रीराम बोला तो वह खाल उधेड़ देंगी. अब ममता शासित बंगाल में जयश्रीराम बोलने वाले की खाल ही नहीं उधेड़ी जा रही है बल्कि तालिबानी अंदाज में उसकी ह्त्या की जा रही है.

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खबर के मुताबिक़, राज्य के हावड़ा के आमता के चालूनिया गाँव में ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने पर एक भाजपा कार्यकर्ता की क्रूरतम तरीके से ह्त्या कर दी गई है. जयश्रीराम बोलने पर बीजेपी कार्यकर्ता की ह्त्या का आरोप ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर लगा है. मृतक का नाम समतूल दलूई है जो 40 वर्ष के थे. मृतक के परिजनों ने घटना की सीबीआई जांच की मांग करते हुए शव को रोककर सड़क जाम शुरू कर दिया. खबर पाकर भारी संख्या में पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंच गई तथा लोगों को समझाने की कोशिश की.

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प्राप्त हुई जानकारी के मुताबिक़, मृतक समतूल दलूई की साइकिल की दुकान है. बताया गया है कि सोमवार की रात को समतूल की दुकान के पास एक संगीत संस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था. इसी कार्यक्रम के दौरान समतूल दलूई ने कई बार “जय श्री राम” का नारा लगाया था. कार्यक्रम में मौजूद टीएमसी कार्यकर्ताओं को समतूल दलूई द्वारा जयश्रीराम का नारा लगाना रास नहीं आया तथा आरोप है कि कुछ तृणमूल कार्यकर्ता समतूल को पीछे एक मैदान में ले गए और उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई.

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आरोप है कि समतूल की मौत हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि करने के लिए उसके शरीर के कई जगह पर सिगरेट से जलाया भी गया. स्थानीय लोगों ने सोमवार की सुबह मैदान में दलुई का शव पड़ा देखा. इस घटना के प्रकाश में आते ही इलाके के लोगों का गुस्सा फूंट पड़ा. परिजनों व स्थानीय लोगों ने शव को रखकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. इधर घटना की जानकारी मिलने पर शव को बरामद करने पहुंची पुलिस को लोगों के अवरोध का सामना करना पड़ा.

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लोगों ने पुलिस को घेरकर प्रदर्शन किया तथा घटना की सीबीआई जांच की मांग की. मृतक के भाई भास्कर दलुई ने कहा कि वे भाजपा कार्यकर्ता हैं, इसलिए तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उसके भाई को जयश्रीराम का नारा लगाने के बाद रात को जबरन शराब पिलाई तथा शराब पिलाने के बाद पीट-पीट कर हत्या कर दी. परिजनों ने मांग की कि जब तक दिलीप घोष नहीं आएंगे तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. पुलिस द्वारा समझाने के बाद कई घंटो तक चले प्रदर्शन को हटाया गया तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.

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इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को संभालने के लिए आरपीएफ तैनात किया गया. इस घटना की जानकारी मिलने पर हावड़ा के भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष अनुपम मल्लिक मृतक के घर पहुंचे. मल्लिक ने मृतक के परिजनों के साथ थाना में जाकर घटना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. इस विषय पर भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष को घटना से अवगत कराया गया है. आज वे मंगलवार को मृतक के परिजनों से मिलने आएंगे.

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