“लव” जब “जिहाद” न हो तो ये होगा अंजाम ? मुस्लिम लडकी से शादी करने वाले हिन्दू के पूरे परिवार का नरसंहार

सभी जानते हैं कि जब मजहबी उन्मादी लव की आड़ जिहाद को अंजाम देते हैं तो इसकी शिकार युवतियों के साथ किस तरह की हैवानियत की जाती है, उनके जीवन को नरक बना दिया जाता है. लेकिन यही “लव” जब “जिहाद” न हो अर्थात जब एक हिन्दू युवक मुस्लिम युवती के साथ प्यार करे, उससे शादी करे तब उसका अंजाम कितना भयानक हो सकता है, इसका खौफनाक उदाहरण उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से सामने आया है. खबर के मुताबिक़, त्तर प्रदेश के बलरापुर जिले में मुस्लिम युवती के साथ शादी करने वाले हिन्दू युवक के परिवार के तीन सदस्यों की क्रूरतम तरीके से ह्त्या कर दी गई जिसका पुलिस ने खुलासा कर दिया है. बेहद शातिराना तरीके से इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले 3 हत्यारोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

ट्रिपल हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बहन को भगाकर शादी करने वाले परिवार से नाराज था, इसी रंजिश में उसने 5 साल बाद गांव के ही पूर्व प्रधान व एक अन्य शख्स की मदद से तीन लोगों की गला रेतकर हत्या कर दी जबकि एक महिला का इलाज चल रहा है. पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. एसपी अनुराग आर्य ने ट्रिपल मर्डर का खुलासा करते हुए बताया कि रेहरा थाना क्षेत्र के जोगियावीर गांव में 24/25 फरवरी की रात एक ही परिवार के 4 लोगों की गला रेतकर हत्या करने का प्रयास किया गया, जिसमें पिता (जगराम) पुत्र (राजू) व पुत्री लीलादेवी की मौत हो गई, जबकि बहू निर्मला गंभीर रूप से घायल है. उसका इलाज जिला संयुक्त चिकित्सालय में चल रहा है.

पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर जब जांच शुरू की तो पता चला कि करीब 5 साल पहले गांव के ही निगाह मोहम्मद की लड़की आशिया को गांव के राजभर समुदाय के मोनू नाम के लड़के ने भगा कर शादी कर ली थी. जिसके बाद दोनों परिवारों में रंजिश चल रही थी. आशिया के भाई सद्दाम ने घटना के बाद धमकी भी दी थी कि बदला तो लूंगा चाहे 10 साल लग जाएं. सद्दाम ने गांव के ही पूर्व प्रधान शमसुद्दीन व कलाम नाम के शख्स के साथ मिलकर बहन को भगाने वाले राजभर परिवार से बदला लेने की ठान ली और 24 फरवरी की रात घर में घुसकर चार लोगों पर धारदार हथियार से वार कर दिया. जिनमें तीन की मौत हो गई जबकि एक अभी भी घायल है.

पुलिस पूंछताछ में पता चला है कि इस हत्याकांड की योजना करीब चार-पांच महीने पहले से बनाई गई थी. इसमें आसिया का भाई सद्दाम व पूर्व प्रधान ने मिलकर वर्तमान प्रधान को हत्त्याकांड में फंसाकर स्वयं प्रधान बनना चाह रहा था. हत्त्याकांड को अंजाम देने वाले कलाम को पूर्व प्रधान शमसुद्दीन ने प्रधान बनने पर पट्टे की जमीन देने का लालच दे रखा था. इसके तहत मैनुद्दीन नाम के एक शख्स से मृतक के तकिये के नीचे कुछ पुराने प्रार्थना पत्र रखवाए थे, जिससे शक की सुई वर्तमान प्रधान की तरफ घूम जाए. लेकिन एसपी अनुराग आर्य व रेहरा एसओ तथा सीओ उतरौला के गहन जांच व सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस असली गुनाहगारो तक पहुंच गई तथा इस खौफनाक ट्रिपल हत्याकांड का खुलासा कर दिया.

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