पैसे का लेनदेन रखने वाले सेक्यूलरों पर मौत की आफत.. अलीगढ़ में ट्विंकल के बाद अब मेरठ में बलबीर की गर्दन रेत डाली गई 1 हजार के चक्कर में

बलबीर आज के कथित सेक्यूलरिज्म से काफी प्रभावित तथा अक्सर कहता था कि हम लोगों को हिन्दू या मुसलमान से पहले इंसान होना चाहिए. वो कहता था कि वह धर्म या मजहब नहीं बल्कि इंसानियत को मानता है. बलबीर का इश्तियाक तथा उसके पुत्र रईस के साथ उठना बैठना तथा वो दोनों भी बलबीर का समर्थन करते थे. लेकिन बलबीर नहीं जानता था कि उसके साथ आगे क्या होने वाला है. अब बलबीर का शव बरामद हुआ है तथा उसकी ह्त्या इश्तियाक तथा रईस ने की है.

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मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ का है जहाँ महज एक हजार रुपये के लिए एक बलबीर नामक युवक को मजहबी उन्मादियों ने बेरहमी के साथ मौत के घाट उतार दिया गया. इतना ही नहीं बलबीर की अहत्या करने वाले पिता-पुत्र और उनके बहनोई ने पुलिस से बचने के लिए रात को ई-रिक्शा की बैटरी से तेजाब निकालकर मृतक बलबीर का का चेहरा जला दिया. इसके बाद उन्होंने बलबीर की लाश को संदूक में बंद करके जंगल में फेंक दिया. अब पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर दिया है.

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एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि लिसाड़ी गेट पुलिस ने बक्से में शव के पास से बरामद हुए एक बिजली के बिल के सहारे लिसाड़ी गेट क्षेत्र के मेवगढ़ी मजीद नगर निवासी इश्तियाक और उसके पुत्र रईस सहित इश्तियाक के बहनोई हकीमुद्दीन को गिरफ्तार किया है. पूछताछ के दौरान इश्तियाक ने बताया कि उसने लगभग एक वर्ष पूर्व मृतक बलबीर के भाई से एक ई-रिक्शा खरीदा था, जिसमें से 72 हजार रुपये की रकम का भुगतान तभी कर दिया गया था मगर एक हजार की रकम बकाया रह गई थी.

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पुलिस से पूंछताछ में इश्तियाक ने कबूला है कि कि बलबीर पिछले काफी समय से बकाया एक हजार की रकम का तकादा कर रहा था, जिसके चलते इश्तियाक उससे रंजिश रखने लगा था. घटना वाले दिन इश्तियाक के पुत्र रईस ने बलबीर को एक हजार रुपये देने के लिए हापुड़ अड्डा चौराहे पर बुलाया. इसके बाद रकम देने के बहाने रईस बलबीर को अपने घर ले गया. रईस ने अपने सभी परिजनों को बहाने से घर के बाहर भेज दिया और नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाने के बाद ईंट से वार कर बलबीर को अधमरा कर दिया.

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इसके बाद इश्तियाक ने जो बताया वो बहुत ही भयावह था. रईस और उसके पिता इश्तियाक ने गला घोंटकर बलबीर की हत्या कर दी. घटना वाले दिन चांद रात होने और सड़क पर पुलिस का कड़ा पहरा होने के चलते आरोपियों ने बलबीर के शव को बक्से में बंद कर अपने घर में छुपा दिया. इसके बाद रात को ई-रिक्शा की बैटरी से तेजाब निकालकर मृतक का चेहरा जलाया और बक्से को खाली प्लॉट में फेंक दिया. एसएसपी ने बताया कि आरोपी किसी कबाड़ी को बलवीर का ई-रिक्शा बेचने के फिराक में घूम रहे थे. मगर पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच कर उनके पास से बलवीर का ई-रिक्शा, हत्या में प्रयुक्त ईंट और अन्य सामान बरामद कर लिया.

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