जिस निषादराज ने पखारे थे प्रभु श्रीराम के पांव,, उन्हें ऐसा सम्मान देने वाली पहली सत्ता बनी योगीराज

सनातन के आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के वनगमन के दौरान जिन निषादराज ने प्रभु श्रीराम के पांव पखारे थे, उन निषादराज को योगी सरकार वो सम्मान देने जा रही है जो उन्हें अब तक नहीं मिला. जब-2 प्रभु श्रीराम का जिक्र होता है तब वहां एक बार निषादराज का महानतम चरित्र सामने आ ही जाता है. बिना निषादराज के श्री रामायण पूरी नहीं हो सकती. आपको बता दें अयोध्या में प्रभु श्रीराम की भव्य विशालकाय प्रतिमा लगाने के अलावा योगी सरकार ने एलान किया है कि प्रयागराज में निषादराज को गले लगाते हुए प्रभु श्रीराम की विशाल प्रतिमा भी लगाईं जायेगी.

योगी सरकार की तरफ से एलान किया गया कि मूर्ती की स्थापना अगले साल होने वाले कुम्भ मेले में की जाएगी. इसके साथ ही कुछ समय पहले भाजपा ने अयोध्या में भगवान राम की स्टेचू की स्थापना की घोषणा की थी. भगवान् राम की नई मूर्ती की स्थापना की घोषणा करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा था कि रामायण में भगवान् राम ने मछुआरों के राजा निषाद राज को गले लगाया था. इसी की प्रतिमा इलाहाबाद में गंगा किनारे श्रींगवरपुर में स्थापित की जाएगी.

मान्यता है कि श्रींगवरपुर ही वह जगह है जहां भगवान् राम ने पहली पार निषाद राज से मुलाकात की थी. जहां पर निषाद राज ने राम को गंगा पार करवाने में मदद करी थी. मौर्या ने कहा कि श्रींगवरपुर समरसता (सामाजिक सौहार्द) के नाम से जाना जाता है, यही कारण है कि इस स्थान पर भगवान राम और निषादराज की मूर्ति की स्थापना पर विचार किया गया तथा जल्द ही निषादराज को गले लगाते प्रभु श्रीराम की प्रतिमा लगाई जायेगी.

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