ओवैसी की पार्टी ने चुनौती दी कि इस शहर में नहीं बजेगा सोनू निगम का गाना

ना ही अब कोई अभिव्यक्ति की आजादी की मांग करता दिख रहा है .

ना ही कोई अब आवाज दबाने वालों का विरोध कर रहा है .

अब सब खामोश हैं . पता नहीं क्यों ? ख़ास कर उस व्यक्ति के खिलाफ जिसके सर पर खुद ही हिन्दुओं के आराध्य भगवान् श्री राम के अपमान का दर्ज है मुकदमा . 

मामला आगरा का हैं जहा एक छोटे से इस्लामिक संगठन ने पूरे शहर की जिम्मेदारी ले ली . वो खुद से ही पूरे शहर के प्रवक्ता बन चुके हैं . उनका कहना है कि ना तो आगरा में सोनू निगम के गाने बजने देंगे और ना ही सोनू निगम को कभी आगरा की धरती पर कदम भी नहीं रखने देंगे. इतना ही नहीं शहर में उन्होंने केवल खुद को ठीक से सोने देने की गुजारिश करने वाले सोनू निगम के पुतले भी जलाये .

आगरा शहर में उस समय गहमा गहमी मच गयी जब ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तहादुल मुस्लिमीन के तमाम कार्यकर्त्ता टेढ़ी बगिया के पास जमा हो गए और सोनू निगम के खिलाफ नारे लगाने लगे . इस प्रदर्शन का नेतृत्व ओवैसी की पार्टी के आगरा जिलाध्यक्ष रहीस अल्वी और इदरीश अली कर रहे थे . उन्होंने तमाम कठोर शब्दों से सोनू निगम की आलोचना ये भूल कर की कि खुद उनकी पार्टी के सर्वेसर्वा पर हिन्दुओं के तमाम आराध्य देवताओं और गौ माता के तामाम बार सार्वजनिक अपमान का केस दर्ज हो चुका है जिसमे वो अभी जमानत पर ही बाहर चल रहे है . 

उन्होंने कहा कि आगरा शहर में ना तो सोनू निगम के गाने बजने दिए जायेगे और ना ही सोनू निगम को आगरा की जमीन पर कदम रखने दिया जाएगा . उन्होंने अपनी सीमा को भी पार करते हुए कहा कि सोनू निगम की जगह भारत में ही नहीं है . अपने बयानों में आगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि वो उन सारी फिल्मों का बहिष्कार करेंगे जिनमे सोनू निगम द्वारा फिल्माए गए दृश्य या गीत शामिल होंगे . 

Share This Post