वन्देमातरम गाना गुनाह हुआ शेरवानी के लिए….. जी हां, ये घटना भारत की ही है


फातवे के नाम पर आखिर कब तक लोगों को हरजाना भरना पड़ेगा। जरा सी भी गलती होने पर मुस्लिम समुदाय के लोग फतवा जारी कर देते है। अब चाहे फिर वे मासूम बच्चे ही क्यों न हो । वे उनकी जिदंगी बर्बाद करने में तनिक भी नहीं हिचकिचाते । आपको बता दे कि एक परिवार के मासूम बच्चों को केवल इसलिए इस्लामिक स्कूल में दाखिला नहीं मिला कि वह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का गीत गाते थे। इसी के कारण मासूम बच्चों पर फातवा जारी कर दिया गया ।

बताया जा रहा है कि बंकिम चंद्र चटर्जी के इस गीत के कारण परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है और उनके बच्चों को इस्लामिक स्कूल में दाखिल नहीं दिया । क्योकि इस परिवार के बच्चें राष्ट्रीय ध्वज के तीन रगों वाले कपड़े भी पहनते हैं। शेरवानी ने बताया कि वंदे मातरम पर विवाद के चलते मेरे बच्चे को स्कूल से निकाल दिया गया। मेरा बायकॉट तक कर दिया गया’ गौरतलब है कि शेरवानी जूतों से जुड़ा व्यापार करते हैं ओर उनकी पत्नी भी काम में हाथ बंटाती हैं।

वही दूसरी ओर इस्लामिक स्कूल चलाने वाले असलम खान ने बताया कि स्कूल ने उनके बच्चे के खिलाफ एक्शन लिया है। शेरवानी की बेटी को स्कूल से निकाला गया है। क्योंकि इस पर अन्य बच्चों के परिवार वालों ने एतराज जताया है। इसके बावजूद इसके खिलाफ फतवा दिया जा चुका है।’


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