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बहुत कुछ किया ममता ने लेकिन फिर भी उनके खिलाफ सड़कों पर मुस्लिम समुदाय… अब उठी ये मांग

भारत के वर्तमान राजनैतिक परिद्रश्य में अगर मुस्लिम तुष्टीकरण तथा तथाकथित सेक्यूलरिज्म के शीर्ष नेता का नाम पूंछा जाए तो उसमें तृणमूल कांग्रेस प्रमुख तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बहुमत के साथ शीर्ष पर आयेंगी. ममता बनर्जी के बारे में देश की ज्यादातर आम जनता की भावना यही है कि ममता बनर्जी मुस्लिम वोटबैंक के लिए किसी भी हद तक जा सकती है तथा ये उनके कई फैसलों में सामने भी आया है.

लेकिन बंगाल से एक चौंकाने वाली खबर है कि जिस मुस्लिम समुदाय को खुश करने के लिए ममता बनर्जी ने बहुत कुछ किया वह मुस्लिम समुदाय ममता बनर्जी के खिलाफ बंगाल की सड़कों पर उतर आया है. ममता सरकार द्वारा राज्य की दुर्गा पूजा कमिटियों को 28 करोड़ की मदद देने के फैसले के विरोध में मुस्लिम समुदाय तथा इमाम विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. दुर्गा पूजा पांडाल को सरकारी अनुदान देने के विरोध में वुधवार को कोलकाता के फुरफुरा शरीफ के इमाम पीरजादा ताहा सिद्दीकी ने बड़ी रैली आयोजित की. सैकड़ों मुस्लिम युवाओं की मौजूदगी में टीपू सुल्तान मस्जिद के सामने हुई इस रैली में इमाम पीरजादा ने सीएम ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा. कोलकाता पुलिस द्वारा रैली की इजाजत न दिए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए इमाम ने कहा, ‘हम यहां पर तलवारें और लाठियां लेकर नहीं आए हैं. हम यहां अपनी मांगों के समर्थन में इकट्ठा हुए हैं, इसमें आखिर गलत क्या है?’

ऑल बंगाल माइनॉरिटीज यूथ फेडरेशन के महासचिव कमरुज्जमां ने भी इस दौरान युवाओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा, ‘भारत एक सेक्युलर देश है. किसी भी सरकार को किसी धार्मिक कार्यक्रम को प्रायोजित नहीं करना चाहिए.’ मुस्लिम समुदाय के लोगों की मांग है कि ममता सरकार को दुर्गा पूजा पांडाल को अनुदान नहीं देना चाहिए और अगर वह ऐसा करती हैं तो उनको मुस्लिम इमामों के मानदेय को बढ़ाना चाहिए. बता दें कि बंगाल सरकार इमामों को नियमित वेतन देती है और अब उन्होंने नाराज हिन्दू वोटबैंक को रिझाने के लिए दुर्गा पूजा पांडाल को अनुदान देने का फैसला किया है.

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