Breaking News:

जिस जनपद के 3 मंत्री सत्ता में, उस जनपद में गौमाता का ठिकाना कूड़े के ढेर पर


मुज़फ्फरनगर/उत्तर प्रदेश
जनपद मुज़फ्फरनगर की नगर पालिका अपनी आंखें मूंदे हुए है भारत में स्वछता अभियान की बात सरकार द्वारा की जाती रही है और दूसरी तरफ शहर  कई जगह कूड़े के ढेर में तब्दील होती नजर आ रही है।  जिसमे सरकार और सरकार के अंदर काम करने वाली नगर पालिका की पोल खुलती नजर आ रही है।
 
दरसल मामला जनपद मुज़फ्फरनगर का है जहाँ आज कल कूड़े का ढेर ही गाय माता अपना घर बना रही है। गाय माता हमारे बच्चो के लिए दूध तो दे देती है पर क्या कभी किसी ने ये देखा कि गाय अपने बछड़े के लिए और आपके लिए पोषक दूध कहा से उत्पन कर पाती है। जब तक उसको हरा भरा चारा न मिलेगा तो कहाँ से दूध मिल पायेगा इंसानों का एक शिक्षित वर्ग गाय को तैतीस करोड़ देवी देवताओं में देखते है प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ भी इनकी सेवा करते है और प्रदेश सरकार इनके संरक्षण के लये अनेक योजनाएं चला रही है गौशाला बनाने के लिए निर्देश दिए रखे है और मुज़फ्फरनगर में गाय माता के ये हाल एक सोचनीय विषय है गाय की ये हालात आज इस वजह से भी है जब तक गाय दूध देती है तो तब तक घरों में सेवा होती है और जब दूध देना बन्द कर देती है तो उसको सड़को पर कूड़ा खाने के लिए आजाद छोड़ दिया जाता है। और सड़कों पर घूमते हुए भारी वाहनों की चपेट में आने से इनकी  मृत्यु हो जाती है। उसके बाद भी सड़कों पर गौवंश को कुत्तो का भोजन बनते कई बार देखा गया है। एक तरफ सरकार ने गौमाता (गाय) को राष्ट्रीय पशु होने का दर्जा दिलाया है
वही दूसरी तरफ  गाय की अनदेखी की जा रही है जिससे हालात बद से बतर है गाय कूड़ा खाने को मजबूर है जबकि इसी जनपद मुज़फ्फरनगर से सत्ताधारी पार्टी के 3 मंत्री सत्ता के प्रोटोकॉल का आनन्द ले रहे ह ,लेकिन गौमाता की दुर्दशा में बदलाव नहीं आया, उधर मुज़फ्फरनगर नगर पालिका अपनी आंखें मूंदे हुए है। भारत स्वछता अभियान की बात आज सरकार द्वारा की जाती रही है और दूसरी तरफ शहर की कई जगह कूड़े के ढेर में तब्दील होती नजर आ रही है। जिस पर गाय कूड़ा खाती देखी जा सकती है जिसमे सरकार और सरकार के अंदर काम करने वाले नगर पालिका की पोल खोल रही है तस्वीरों में साफ देख सकते है कि किस प्रकार राष्ट्र माता का दर्जा पाने वाली और हिंदु धर्म मे पूजनीय गाय माता योगी और मोदी राज़ में भी कूड़ा खाने को मजबूर है जिला प्रशासन कब इस और ध्यान देगा और कब ये दशा सुधरेगी ये तो अब भविष्य के गर्भ में है। 
अपने कर्मो के ऊपर विज्ञापन पर लाखो रु खर्च करने के बजाय नगरपालिका यदि इस रकम को गोसेवा में लगाये तो परिणाम बेहतर होंगे’
रिपोर्ट
समर ठाकुर
वेबजर्नलिस्ट/सुदर्शन न्यूज़
Mob-9368004900

सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share