पाँच वक्त का नमाजी हवसी अब्बा खुद के बेटी का करता था बलात्कार….वजह जान कर आप भी कहगे इसे हवस का दरिंदा

अपने कट्टरपन्ति नियमों के लिए मशहूर मुस्लिम समुदाय में अब लड़कियों की सुरक्षा पर बन आई है। लड़कियाँ मुस्लिम समुदाय में सुरक्षित नहीं है। क्या यही है उनके इस्लाम के कायदे कानून? जबरदस्ती अपने मजहब को दुसरे पर थोपना कहा तक सही है। अब तो हद ही हो गयी अपने ही समुदाय की लड़कियों पर जबरदस्ती अपने तौर तरीके थोप रहे है।

उन्हें अपनी मर्जी से कुछ भी करने की अनुमति नहीं है। जहां सभी आगे बढ़ रहे है वही अभी भी इस्लामिक मजहब की सोच बेड़ियों मे जकड़ी हुई है। अपनी छोटी सोच के दायरे में रहकर अब ये इस्लामिक दरिंदे लड़कियों पर अत्याचार करते है। एक अब्बा अपनी बेटी का बलातकार इसलिए करता रहा क्योंकि वो बुर्के की जगह नॉर्मल कपड़े पहनना चाहती थी।
खबर नर्वे की है जहा एक बाप इसलिए अपनी बेटी को हवस का शिकार इसलिए बनाया क्युकी वो बुरका नहीं पहनना तो बहसबाजी भी की और फिर उसका बलात्कार कर दिया। फ्रेड्रिक्सटेड की पुलिस को युवती ने जो बताया वो बेहद चौंकाने वाला है और बेशर्मी के नए आयाम को स्थापित कर रहा है वो भी मजहब और कट्टरपंथी सोच के कारण। युवती ने पुलिस को बताया की उसके अब्बू ने उसका बलात्कार किया है।
बलात्कार से पहले अब्बू ने उससे बहसबाजी भी की और फिर उसका बलात्कार कर दिया। युवती ने बताया की अब्बा चाहते थे की मैं इस्लामिक तरीके से रहूँ, बुरका पहनू, किसी गैर मुस्लिम से बात न करू और मेरे ऐसा न करने पर अब्बू ने बलात्कार किया। पुलिस ने युवती के बयान को दर्ज करके करवाई करनी शुरू कर दी है।
नॉर्वे के कानून के अनुसार अगर युवती के आरोप सही साबित होते है वो उसके अब्बू को कड़ी सजा होगी। मजहब की बेड़िया इस कदर हावी है की किसी की कपड़ो तक से मजहब को दिक्कत है। मुस्लिम समुदाय के मजहब का दोगलापन इसी से जाहिर होता है की बेटी को कपडे पहनने की इज्जात नहीं और अब्बा बिना खौफ के बलात्कार तक कर देता है।
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