इस्लामपुर की जगह ईश्वरपुर लिखा तो भड़क उठी ममता सरकार… रद्द की स्कूल की मान्यता

हिंदुस्तान की वर्तमान सेक्यूलर राजनीति का सबसे बड़ा पुरोधाओं की अगर सूची बनाई जाए तो उसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री तथा तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी का नाम जरूर आयेगा. मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति की सभी सीमाएं पार कर चुकी पश्चिम बंगाल की ममता सरकार का शिकार अब एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संचालित स्कूल हुआ है जिसकी मान्यता रद्द कर दी गई है.

मामला पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर का है जहाँ के एक स्कूल को इस्लामपुर की जगह ईश्वरपुर लिखना महंगा पड़ गया. पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने आरएसएस संचालित स्कूल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है. जानकारी के अनुसार, रात में सोने के बाद जब लोग सुबह उठे तो देखा कि स्कूल दफ्तरों और गाड़ियों पर इस्लामपुर की जगह इश्वरपुर लिखा हुआ था. इसके अलावा आरएसएस द्वारा चलाये जा रहे स्कूलों सरस्वती शिशु मंदिर और सरस्वती विद्या मंदिर के बोर्डों पर भी इस्लामपुर की जगह ईश्वरपुर लिखा मिला. इतना ही नहीं स्कूल में बच्चों को लाने ले जाने वाली कैब पर भी नाम बदलकर ईश्वरपुर लिख दिया गया था.

मीडिया सूत्रों के अनुसार, स्कूल के सरकारी दस्तावेजों में नाम अभी भी इस्लामपुर ही है. इसके साथ ही वीएचपी दफ्तर के बोर्ड पर भी इस्लामपुर की जगह ईश्वरपुर लिख दिया गया. इसके बाद राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने जांच का आदेश दिया तथा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष को तलब किया था. शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने स्कूल का नाम बदलने जाने पर आपत्ति जताते हुए स्कूल का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का निर्देश दिया है.

 

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