Breaking News:

नॉएडा में न्याय.. वैभव के नेतृत्व में कृष्ण जैसा शासन.. ध्वस्त हुआ पुलिस -अपराधी का एक और गठजोड़

अगर ये देखना है कि अपराध की जड़ को खोदा कैसे जाता है तो इस समय सबसे बेहतर स्थान नॉएडा है. भारत की राजधानी दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर के इस हिस्से में आज कल पुलिस का वो रूप देखने को मिल रहा है जो शायद प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों की पुलिस के लिए एक आदर्श बन सकता है . यहाँ पर न्याय का ऐसा राज है कि उस तराजू में सिर्फ ये देख कर कोई तौला जाता है कि वो दोषी है या निर्दोष.. भले ही वो कोई पेशेवर अपराधी हो या उन अपराधियों से मिला कोई वर्दी वाला.

अब मदरसे में हुआ नाबालिग बच्ची का बलात्कार.. कुकर्मी का नाम शाहिद जो हाफिज है उस मदरसे का

विदित हो कि अपराधियों और पुलिस के बीच की दुश्मनी हर किसी के लिए कोई नई बात नहीं है लेकिन अगर कोई अपराध में दोनों एक साथ सहभागी हैं तो ये ऐसा गंभीर विषय होता है जिसमे एक आम नागरिक के पास कोई विकल्प नही रह जाता है .. आख़िरकार अपराध की उस गहरी जड़ को पहले तो खोजा और उसके बाद खोद डाला है गौतमबुद्ध नगर के वर्तमान पुलिस प्रमुख वैभव कृष्ण ने.. पहले कॉल सेंटर मामले में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता उजागर करने के बाद अब एक और खुलासा हुआ है जिसमे कुछ वर्दी वाले ही बने थे समाज की शांति और सुरक्षा के शत्रु ..

भारत में शुरू हुआ रोहिंग्या का असल खेल.. AK 47 से बीजेपी कार्यकर्ताओं को भूना गया

नॉएडा के पुलिस प्रमुख को पिछले काफी समय से शिकायत मिल रही थी कि थाना सेक्टर 39 के सेक्टर 44 पुलिस चौकी क्षेत्रान्तर्गत कोई ऐसी गैंग संचालित है जो आम सवारियों को ब्लैकमेल कर एक उनसे धन उगाही करीत है . इसमें पूरी साजिश रच कर एक लडकी सेक्टर 44 पुलिस चौकी क्षेत्र से जा रहे किसी व्यक्ति की कार को रूकवाकर उसकी कार में बैठकर थोडी दूर चलकर ऐसी जगह उतरती थी, जहां सेक्टर 44 पुलिस चौकी की पीसीआर खड़ी होती थी।

मुहम्मद इस्लाम के घर फाड़ डाली गई पुलिस वालों की वर्दी.. फिर भी नारा गूंजा कि- “वो डरा हुआ है

जैसी ही वो लड़की वहां उतरती थी वैसे ही वो वहां मौजूद पीसीआर पर तैनात पुलिस कर्मियों से शिकायत करती थी कि उसके साथ वाहन चालक ने बलात्कार किया है .. इस सूचना पर पीसीआर पर तैनात पुलिसकर्मी उस लड़की एवं तथाकथित अभियुक्तों को चौकी पर लेकर आते थे। जहां पर लड़ीकी पक्ष की तरफ से कुछ प्राइवेट व्यक्ति आते थे। तथाकथित अभियुक्त व्यक्तियों को ब्लैकमेल कर चौकी इंचार्ज के माध्यम से फैसला करवाकर पैसे लेकर छुड़वा दिया जाता था।

अलीगढ़ में हो रहा था “मुसलमान” शब्द कहने का विरोध … अब कठुआ मामले में वही गैंग लिख रही “हिंदुत्व” शब्द प्रमुखता से

आमजनों से सीधे सरोकार रखने वाले इस खबर पर एसएसपी वैभव कृष्ण ने फौरन संज्ञान लिया और इस पूरे मामले की जांच क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम को सौंपी.  क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम के द्वारा सेक्टर 44 पुलिस चौकी पर रंगे हाथ तीन सिपाहियों को को 50 हजार रूपए लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। कुल 15 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। जिसमें चौकी इंचार्ज सेक्टर 44 सुनील शर्मा, तीन आरक्षी मनोज, अजयवीर, देवेन्द्र, पीसीआर 50 के तीन प्राइवेट ड्राइवर व दो महिलाओं की गिरफ्तारी शामिल है. इस पूरे प्रकरण के बाद आम जनता ने पुलिस प्रमुख वैभव कृष्ण की दिल खोल कर तारीफ़ की है .. आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही उचित धाराओं में प्रचलित है .

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करेंनीचे लिंक पर जाऐं

Share This Post