आतंक का रुख अब मुंबई की तरफ.. 26 जनवरी से पहले 9 संदिग्ध गिरफ्तार, समूह वही PFI जिस से लगातार सतर्क करता रहा सुदर्शन न्यूज़


ये वही समूह है जिसके मंच पर हामिद अंसारी जा कर न जाने किस धर्मनिरपेक्षता की बात करते हैं..हामिद अंसारी ही नही, ये समूह उस वामपंथी शासन का भी दुलारा बताया जाता है जो न सिर्फ केरल में बल्कि समूचे दक्षिण भारत मे बना हुआ है हिंदुओं के क्रमबद्ध नरसंहार की एक बड़ी वजह..अब उसी समूह के संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं महाराष्ट्र के मुंबई से. ये वही मुंबई है जहां की पुलिस ने भारत बचाओ यात्रा के दौरान राष्ट्र निर्माण के अध्यक्ष श्री सुरेश चव्हाणके जी की गाड़ी में लगे भगवा ध्वज को उतारने के लिए कहा था..उसी समय श्री सुरेश चव्हाणके जी ने मुंबई पुलिस के इस कृत्य को कट्टरपंथियों को बढ़ावा देने वाला कार्य बताया था..

गणतंत्र दिवस से पहले महाराष्ट्र एंटी टेररिस्ट स्कॉट (एटीएस) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। एटीएस ने मुंबई से सटे ठाणे जिले के मुंब्रा से चार और औरंगाबाद से पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र एटीएस ने जिन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है वे सभी बंगलूरू की पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के बताए गए हैं। संदिग्धों के आईएसआईएस मॉड्यूल पर काम करने की आशंका जताई गई है। उनके पास से रासायनिक पाउडर, मोबाइल फोन, एसिड बोतल, हार्ड ड्राइव, सिम कार्ड और तेज धार चाकू बरामद किया गया है।

पुख्ता जानकारी के आधार पर महाराष्ट्र एटीएस ने मुंब्रा, ठाणे और औरंगाबाद के पांच ठिकानों पर छापेमारी की। एटीएस की यह कार्रवाई 22 जनवरी को तड़के सुबह हुई। छापेमारी के बाद पुलिस ने फहाद खान, मोहसीन खान, मोहम्मद मजहर खान, तकी खान, सरफराज अहमद, जाहिद शेख और 17 साल के नाबालिग सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। मुंब्रा से हिरासत में लिए गए युवक मोहम्मद मजहर शेख, मोहसीन खान, फहाद शाह और तकी है।

ये सभी युवक शिक्षित हैं जो पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की औरंगाबाद शाखा से जुड़े हुए थे। इस शाखा का प्रमुख सलमान बताया जा रहा है। सलमान कुछ दिन पहले मुंब्रा आया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुंब्रा के चारों संदिग्धों की सलमान से रमजान के रोजे के वक्त मस्जिद में होने वाली बैठक के दौरान मुलाकात हुई थी। इसके बाद ये सभी सलमान के साथ लगातार संपर्क में थे। कुछ दिन पहले ही सलमान, फहाद शेख के घर पर आया था और अपने साथ यह कहकर औरंगाबाद ले गया कि उसकी शादी है। फहाद के साथ ही अन्य तीनों भी औरंगाबाद गए थे।


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