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लालू के लिए बेहद मुश्किल वक्त. टूट कर ध्वस्त हुआ धर्मनिरपेक्ष ढांचा…

बिहार की राजनीति में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद ये साफ हो गया था कि बिहार में कमल खिलना तय है और हुआ भी यही। नीतीश को रोकने की आरजेडी की तमाम कोशिशें बेकार साबित हुई और नतीजा ये हुआ कि नीतीश कुमार 6वीं दफा बिहार का मुख्यमंत्री बने। साथ ही उनके नए सहयोगी बीजेपी नेता सुशील मोदी ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।

इसी के साथ बिहार में नए गठबंधन की शुरुआत हो गई है। अन्य मंत्रियों को बाद में शपथ दिलाई जाएगी। राज्यपाल ने बहुमत परीक्षण 28 जुलाई को कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने कहा मैंने बिहार के हित में फैसला लिया है, समय आने पर सबको जवाब दूंगा। इसके साथ ही डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि विकास हमारी प्राथमिकता है, बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। वहीं, नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ गठबंधन करने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उनपर निशाना साधा है।
पत्रकारों के साथ बातचीत में राहुल ने कहा कि मुझे कुछ महीने पहले नीतीश कुमार मिले थे, मुझे पहले से ही पता था ये खिचड़ी पक रही है। तीन से चार महीने पहले से ये सब चल रहा था, कि वह सत्ता के लिए कुछ भी कर सकते हैं। साथ ही लालू यादव ने नीतीश कुमार के फैसले के बाद उनपर पलटवार किया और कहा ये सब पहले से ही सेट था, उन्होंने मुझे धोखा दिया। महागठबंधन की सरकार को अगले पांच साल तक बिहार में सत्ता चलाने के लिए जनता ने चुना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बता दें कि बुधवार शाम को सियासी ड्रामे का अंत कुछ ऐसा ही हुआ कि बिहार की राजनीति में सबकुछ बदल गया। सत्ता पर विराजमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण इस्तीफा दे दिया। लेकिन कुछ ही घंटों बाद बीजेपी के समर्थन से उनकी सत्ता में वापसी भी तय हो गई। बुधवार को इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने कहा था कि जैसे हालात बिहार में बन रहे थे काम करना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में ये कदम उठाना जरूरी था। उन्होंने आगे कहा कि अब बिहार की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत होगी। 
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