हाईकोर्ट में भी ध्वस्त हुई आजम खान की उम्मीदें. जैसे ध्वस्त हो रहा उनका काला साम्राज्य

उन्हें उम्मीद थी कि उनके काले कारनामो पर पर्दा पड़ जाएगा और उनकी आशा ये भी थी कि शायद उन्हें राहत मिल जाए .. लेकिन वो सब की सब ठीक वैसे ही धराशाई हो गई अदलत में भी जैसे उनके अवैध निर्माण धराशाई हो रहे हैं.. यहाँ पर बात आजम खान की हो रही है जो अपने बदजुबानी के बाद अब अपने काले कारनामो के लिए विश्वप्रसिद्ध होते जा रहे हैं और उसके चलते ही उन पर कानून का शिकंजा ऐसे कस रहा है कि वो केवल कसमसा कर रह जा रहे हैं ..

विदित हो कि समाजवादी पार्टी से रामपुर के सांसद को उस समय बड़ा धक्का लगा जब बड़ी आशा के साथ हाईकोर्ट जाने के बाद भी उन्हें किसी प्रकार की राहत नही मिल पाई है .. हाईकोर्ट ने जौहर अली विवि गेट गिराए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका को खारजी कर दिया है और एक प्रकार से प्रशासन की कार्यवाही को सही बता दिया है . ये फैसला न सिर्फ आज़म खान बल्कि उनके बेटे अब्दुल्ला तक के लिए किसी बड़े सदमे से कम नही है जिनके पास अब राहत का कोई रास्ता नहीं है .

इसी के साथ सवा तीन लाख के हर्जाने के एस डी एम के आदेश के खिलाफ दाखिल की गई थी याचिका, कोर्ट ने याची को आदेश के खिलाफ जिला जज के समक्ष अपील दाखिल करने की दी छूट, हाईकोर्ट ने याचिका पर हस्तक्षेप से इंकार करते हुए की निस्तारित,.. जौहर अली विवि के रजिस्ट्रार की ओर से दाखिल थी ये याचिका जिसको अदालत में आजम खान का ही एक चेहरा बताया जा रहा था . जस्टिस शशिकांत गुप्ता और जस्टिस एस एस शमशेरी की खण्डपीठ ने दिया आदेश।

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