IAS का टॉपर क्या पढ़ कर बना था या किसी जुगाड़ से? हैरान कर देगी ये खबर

यूपीएससी की परीक्षा में पूरे भारत में तीसरा स्थान पाने वाले गोपाल कृष्ण रोनांकी अब कानून के चक्कर में फंस गए हैं। आपको बता दें कि सिकंदराबाद के वकील एम.मुरली ने गोपाल कृष्ण रोनांकी खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की था, जिसमें उन्होंने कहा था कि गोपाल ने अपनी दिव्यांगता का फर्जी सर्टिफिकेट जमा कराकर मुख्य परीक्षा में रियायत पाई थी। दरअसल, गोपालकृष्ण ओबीसी कैटेगरी से आते है उनका विकलांगता प्रमाण पत्र झूठा है। 
इस पर हैदराबाद हाईकोर्ट ने गोपालकृष्ण रोनाकी के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए कहा कि रोनाकी अपने उस विकलांगता प्रमाण पत्र को कोर्ट के सामने पेश करे जिसके आधार पर उनको यूपीएससी की परीक्षा में उन्हें छुट मिली थी। गौरतलब है कि गोपाल कृष्ण रोनांकी ने वर्ष 2016 के सिविल सर्विस एग्जाम में फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र के माध्यम से सफलता मिली थी। वहीं, हैदराबाद हाईकोर्ट ने गोपालकृष्ण के साथ, यूपीएससी, केंद्र सरकार और आंध्रप्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किया है। 
वहीं गोपालकृष्ण के भाई कोडांडा रोनाकी ने कहा कि 2002 में जब गोपालकृष्ण दसवीं में थे तभी वो नारियल के पेड़ से गिर गए थे और उनका दाहिना हाथ टूट गया हाथ टूटने के बाद से वो अपने दाहिने हाथ से लगातार आधे घंटे तक एक साथ लिख नहीं सकते हैं। इस घटना के बाद गोपालकृष्ण को विकलांगता प्रमाणपत्र भी मिला है। यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद गोपालकृष्ण की जांच दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में कराई गई थी।
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