अस्पताल में बच्चों की मौत पर भड़क उठीं दिल्ली महिला आयोग प्रमुख स्वाति मालीवाल… अस्पताल को नोटिस भेज माँगा सारा ब्यौरा

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में महिला स्वाभिमान की बेहद मजबूत आवाज बन चुकी दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल एक ऐसी तेजतर्रार महिला के रूप में जानी जाती हैं जो महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए 24 घंटे तत्पर रहती हैं. दिल्ली महिला आयोग का अध्यक्ष पद संभालने के बाद से ही स्वाति मालीवाल अपने कार्य तथा कार्यशैली को लेकर दिल्ली की जनता की प्रिय बनी हुई है.  इस बार महिला आयोग के निशाने पर महर्षि वाल्मीकि संक्रामक रोग अस्पताल है जहाँ  डिप्थीरिया की वैक्सीन न होने की वजह से 6 से 12 सितम्बर के बीच 14 बच्चों की मौत हुई है. दिल्ली महिला आयोग ने महर्षि वाल्मीकि संक्रामक रोग अस्पताल में डिप्थीरिया की वैक्सीन न होने की वजह से 6 से 12 सितम्बर के बीच 14 बच्चों की मौत पर स्वतः संज्ञान लिया है.
उत्तरी दिल्ल्ली नगर निगम द्वारा संचालित अस्पताल को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने नोटिस जारी करते हुए 26 सितंबर तक जवाब मांगा है. आयोग ने अस्पताल से मामले में विस्तृत रिपोर्ट और कुछ सूचना मांगी है। पिछले कुछ समय मे डिप्थीरिया से होने वाली मौतों की वजह, अस्पताल द्वारा डिप्थीरिया से होने वाली मौत को रोकने के लिए किए गए उपाय, अस्पताल में दवाइयों का स्टॉक की जानकारी, अस्पताल में डिप्थीरिया की वैक्सीन और दबाइयों की आवश्यकता, बीमारी के इलाज के लिए अलॉट किये गए डॉक्टर और बेड की संख्या, बीमार बच्चों के माता पिता को संक्रमण से बचाने को किये गए उपाय, मरीजों को अस्पताल से दूसरे सरकारी अस्पतालों को सुचारू तरीके से रेफ़र करने के लिए उपाय किये गए उपाय, इस बीमारी से निबटने के लिए जरूरी  चीजों की लिस्ट व इसके बारे में नगर निगम से किये गए पत्राचार की जानकारी, अस्पताल में ट्राकिऑटोमी की सुविधा देने के लिए किये गए उपाय, मामले से निबटने के लिए अस्पताल द्वारा निगम, दिल्ली सरकार या केंद्र सरकार से मांगे गए सहयोग की जानकारी, नगर निगम के पदाधिकारियोँ द्वारा किये गए दौरों और उनके दौरे के बाद स्थिति में आये बदलाव की जानकारी, 2013 से अब तक हर साल इस बीमारी से अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या और इससे होने वाली मौतों की संख्या, 2013 से अब तक अस्पताल में डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ के पदों की संख्या और अस्पताल में उपलब्ध स्टाफ की संख्या, 2013 से अब डिप्थीरिया के लिए रखे गए पदों की संख्या और वर्तमान स्टाफ की संख्या
D. 2013 से अब तक डिप्थीरिया के लिए खरीदी गई दवाईयों की पूरी जानकारी, डिप्थीरिया की दवाई में हुई कमी की जानकारी, और कमी की वजहअस्पताल में आपरेशन थिएटर और आइसीयू की अनुपलब्धता की वजह इत्यादि।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा, “अस्पताल में बच्चों की मौत की खबरों से मैं बहुत दुखी हूं। हम चाहते हैं कि इस बीमारी से और मौतें न हों और इस नुकसान के लिए लोगों की जिम्मेदारी तय हो. गौरतलब है कि दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में स्वाति मालीवाल की छबि एक ऐसी महिला की है जो महिला सुरक्षा, स्वाभिमान के लिए पूरी तरह से समर्पित है तथा बिना किसी भय या राजनैतिक दवाब के महिलाओं के उत्थान के लिए, उन्हें न्याय दिलाने के लिए काम करती हैं.
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