एक चायवाला प्रधानमंत्री बना था, अब दूसरा चायवाला बना मेयर.. जानिये संघर्ष की एक और जीवंत कथा

2014 में एक चायवाला देश का प्रधानमंत्री बना था तो अब 2019 में एक और चायवाला सामने आया है जिसे हाल ही में मेयर चुना गया है. हम बात कर रहे हैं त्तरी दिल्ली नगर निगम में निर्विरोध   मेयर चुने गये बीजेपी  नेता तथा सिविल लाइन्स से पार्षद अवतार सिंह की. जिस तरह बचपन में चाय बेचने तथा तथा संघर्षों से गुजरने के बाद नरेंद्र मोदी पीएम पद तक पहुंचे, ठीक वैसी ही कुछ कहानी अवतार  सिंह की है.

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आपको बता दें कि बीजेपी पार्षद अवतार सिंह को सोमवार को उत्तरी दिल्ली का नया महापौर (मेयर) निर्विरोध चुन लिया गया है. नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्हें दिल्ली बीजेपी प्रमुख मनोज तिवारी ने नामांकित किया था और उत्तर दिल्ली नगर निगम की आमसभा में उन्हें निर्विरोध चुन लिया गया. दिल्ली बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अवतार सिंह बीजेपी के बहुत मेहनती कैडर हैं. अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत वह चाय बेचने से शुरुआत कर मेयर के पद तक पहुंचे हैं.

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मेयर पद के लिए चुने जाने के बाद अपने पहले संबोधन में अवतार सिंह भावुक हो गए और बोले कि उनका जीवन काफी संघर्ष भरा रहा है. उन्होंने कहा कि कश्मीरी गेट के पास कई साल पीपल के पेड के नीचे चाय बेची बाद में सामान ढुलाई तक का काम किया है. अवतार सिंह पिछले कई सालों से कश्मीरी गेट पर होने वाली रामलीला में किरदार निभाते आए हैं. अवतार सिंह सात साल की उम्र में आरएसएस में शामिल हो गए, और जब वह संघर्ष कर रहे थे तब भी संगठन के लिए काम किया.

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अवतार सिंह ने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह एक चायवाला होने पर गर्व है. नगर पालिका स्कूल में पढ़ने वाले सिंह ने कहा कि निगम स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार उनकी प्राथमिकता होगी. नगरपालिका स्कूलों में जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता बनाना होगा. उनके लिए व्यावसायिक कक्षाएं महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आते हैं और आजीविका के विकल्प की तलाश में हैं.

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