बोली मायावती – “ब्राह्मणों पर हो रहा अत्याचार”. पुलिस का दुरूपयोग जातिवाद की राजनीति में

धर्म या मजहब की बात करते ही अचानक ही आरोप लग जाते हैं साम्प्रदायिकता और मजहबी कट्टरता के लेकिन न जाने किस प्रकार की राजनीति है ये जिसमे जातिवाद की खुली बातों को लोकतंत्र माना जाता है. कभी SC ST के बहाने सीधे सीधे दलितों का नाम लिया जाता है और उनको सवर्णों द्वारा शोषित बताया जाता है तो अचानक ही जब सामने पुलिस होती है तो सीधे सीधे ब्राहमणों का नाम लिया जाता है और उनको पीड़ित कहा जाता है . अब अचानक ही इस मामले में बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख उन मायवती ने

विदित हो कि पिछले कुछ समय से अति चर्चित हो चुके उत्तर प्रदेश की राजधानी में एप्पल के कर्मचारी विवेक तिवारी के साथ हुए पुलिस कांस्टेबल प्रशांत के हाथों मौत पर बीएसपी चीफ मायावती ने योगी सरकार पर हमला बोला है. अचानक ही ये मामला जातिवादी बनाया जाने लगा है जिसमे अब मायावती ने योगी आदित्यनाथ पर ब्राह्मणों का शोषण करने का आरोप लगाया है. इतना ही नहीं , इस आरोप के लिए मायावती ने बाकायदा सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि , “प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और सरकार मामले पर लीपापोती कर रही है. खास कर ब्राह्मण समाज के लोगों का कुछ ज्यादा ही शोषण और उत्पीड़न हो रहा है.”

इतना ही नहीं पिछले कुछ समय से दलित आन्दोलन को हवा देने वाली मायावती ने अब ब्राहमण कार्ड खेला है . उनके हिसाब से वर्तमान योगी की सरकार में खासकर जातिवादी और पक्षपाती रवैये के कारण पुलिस की वर्दी में गुंडों का राज चल रहा है.जिस वजह से हर वर्ग और धर्म के लोग बड़े पड़े पैमाने पर अत्याचार का शिकार हो रहे हैं. इस मामले में अपर कास्ट समाज में से विशेषकर ब्राह्मण समाज के लोगों का भी अब कुछ ज्यादा ही शोषण और उत्पीड़न हो रहा है.

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