अब नीतीश कुमार भी जीतेंगे “विश्वास”. . बिहार पुलिस को हिंदूवादी समूहों और हिंदूवादी लोगों के लिए एक बड़ा आदेश

जिस प्रकार से एक बार भारत के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास जीतने की कोशिश का एलान किया है उसके बाद उनका अनुसरण करने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है .. इसी क्रम में अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी से कहीं आगे कदम बढाते हुए एक ऐसा आदेश जारी किया है जो किस वजह से है इसका मात्र अनुमान ही लगाया जा सकता है . फिलहाल सेकुलरिज्म के नाम पर अदालतों से ले कर सरकारों तक सभी ने एक अजब राह पकड़ ली है .

अभी पडोसी प्रदेश झारखंड में बच्ची को अदालत से कुरआन बांटने का आदेश गरमाया ही हुआ है कि अब मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से आ रही खबरों ने हिन्दू समूहों के माथे पर बल ला दिए हैं . यहाँ पर नितीश कुमार एक नई परम्परा शुरू करने वाले हैं जिसको किस सोच के साथ लागू किया जाएगा ये आने वाला समय बताएगा .. ये वही बिहार है जहाँ अभी हाल में ही बिहार के कटियार जिले के कोढा थाने में एक उन्मादी भीड़ ने पुलिस को बुरी तरह से पीट कर अपने साथी हबीबुर्रहमान को छुड़ा लिया था ..

लेकिन इसके बाद भी नितीश सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ हिन्दू समूहों पर केन्द्रित है जिसके चलते ही बिहार पुलिस इन दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत 19 हिंदू संगठनों की कुंडली खंगाल रही है। दरअसल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा द्वारा 28 मई को एक पत्र जारी कर इसकी मांग की गई थी। इस पत्र में संघ समेत 19 हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों की पूरी जानकारी की मांग की गई है। इस लिस्ट का उद्देश्य क्या है और कहाँ कहाँ ये लिस्ट बन चुकी है ये अभी आधिकारिक रूप से नहीं बताया गया..

एक प्रतिष्ठित मीडिया समूह की रिपोर्ट के अनुसार बिहार पुलिस की स्पेशल ब्रांच की ओर से जारी इस पत्र में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू जागरण समिति, धर्म जागरण समन्वय समिति, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, हिंदू राष्ट्र सेना, राष्ट्रीय सेविका समिति, शिक्षा भारती, दुर्गा वाहिनी, स्वेदशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय रेलवे संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ, हिंदू महासभा, हिंदू युवा वाहिनी, हिंदू पुत्र संगठन के पदाधिकारियों का नाम, पता, दूरभाष संख्या और व्यवसाय के बारे में जानकारी मांगा गया है।

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