बरेली में रची साजिश का दायरा और बड़ा किया गया. लाचार पिता की बदनामी के बाद अब अपहरण की अफवाह से UP पुलिस और योगी सरकार को बदनाम करने की साजिश

जो साजिश उन्होंने पूरी सोची समझी रणनीति के साथ रची थी वो मीडिया के एक वर्ग के सहयोग से पूरी भी होने वाली थी लेकिन अचानक ही सुदर्शन न्यूज द्वारा सच दिखाए जाने के बाद वही सच सोशल मीडिया में आया और सोशल मीडिया पर उन तमाम लोगों का खुला बहिष्कार किया जाने लगा जो इस साजिश के सूत्रधार थे .. आख़िरकार एक लड़की को मोहरा बना कर हिन्दू समाज को उंच नीच के जाल में फंसाने वालों की साजिश जनता के समझ में आ ही गई..

अपनी लम्बे समय से रची गई साजिश को समूल समाप्त होते देख कर उन सभी साजिशकर्ताओं को ठेस पहुची और उन्होंने फिर से रची एक ऐसी साजिश जिसका आधार एक कोरी अफवाह थी.. उन्होंने अफवाह उड़ाई कि अदालत परिसर से साक्षी और उसके पति का अपहरण कर लिया गया है.. फ़ौरन ही जैसे पहले से तैयार बैठे कुछ चैनलों पर इसकी ब्रेकिंग चलने लगी और कई वेरीफाईड ट्विटर हैंडलो से इसके ट्विट भी आने लगे .. जबकि सच्चाई कुछ और ही थी जो बाद में प्रयागराज पुलिस ने सबके सामने रखी .

प्रयागराज पुलिस का कहना है कि साक्षी के अपहरण की बात कोरी अफवाह है और पुलिस खुद जनमानस से अपील कर रही है कि वो किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें.. इतना ही नहीं पुलिस के अनुसार साक्षी और उनके पति दोनों पुलिस अभिरक्षा में है और पूरी तरह से सुरक्षित हैं .. इसी के साथ पुलिस ने एक अन्य जोड़े के बारे में भी बताया और कहा कि दूसरा जोड़ा फतेहपुर पुलिस की अबिरक्षा में पूरी तरह से सुरक्षित है .. प्रयागराज पुलिस ने बाकायदा ऐसी अफवाह उड़ाते वेरिफैइड ट्विटर एकाऊंट पर खुद जा का उन्हें जवाब देना शुरू किया है .. इसी के साथ इतना तय हुआ कि एक घर की इज्जत का तमाशा बनाने वाले कुछ गिने चुने लोगो ने एक लड़की को मोहरा बना कर कितनी बड़ी साजिश को अंजाम देना सोच रखा था .. देखिये इस मामले में एसएसपी प्रयागराज की बाईट –

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