संभल पुलिस अधीक्षक बने योगी सरकार की किरकिरी का कारण.. तेजस्वी यादव की पार्टी ने बलिदानियों के शवों की दुर्दशा पर उठाये सवाल

नरेन्द्र मोदी की वर्ष २०१४ में सरकार बनने की सबसे बड़ी वजहों में से एक था सेना और सैनिको के लिए उनका नजरिया . उसके बाद एक बार फिर वर्ष २०१९ में सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के नाम पर फिर से माहौल बदला और देश में एक राष्ट्रवाद का ज्वार उठा . राष्ट्रवाद के उस ज्वार ने ये दुनिया के आगे रख दिया कि नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की सरकार सेना और किसी भी प्रकार के सैनिक का बड़ा सम्मान करती है.. उसमे हर कोई वर्दी वाला भी आता है .

लेकिन उत्तर प्रदेश में जो कुछ भी हुआ उसने एक पूरा मौका दे दिया है विपक्ष को योगी सरकार को निशाने पर लेने का .. विपक्ष ने साफ़ साफ आरोप लगाया है कि वर्दी वालों का जैसा अपमान योगी राज में हुआ है वैसा शायद ही कहीं और होता हो .. संभल में अपराधियों के हमले में वीरगति पाने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस के 2 जवानो को पहले तो लोडर में लाद कर लाया गया और उसके बाद उन्हें अंतिम विदाई में भी जिस संवेदनहीनता का शिकार होना पड़ा वो अब प्रदेश के बाहर भी चर्चा का और विरोध का कारण बन गया है .

विदित हो कि संभल पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद की यही चूक अब अब योगी सरकार की बिहार तक में किरकिरी की वजह बन रही है .. बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के राजनैतिक सलाहकार संजय यादव ने एक ट्विट के जरिये योगी सरकार की बलिदानियों के प्रति उदासीनता की निंदा की है . अपने ट्विट में संभल के दोनों बलिदानियों के अंतिम संस्कार की फोटो डालते हुए उन्होंने अपने ही विभाग के लिए उच्चाधिकारियों के रवैयो को गलत बताया है .

अपने ट्विट में उन्होंने कहा है कि –  यूपी पुलिस के शहीदों का हश्र। तिरंगा नसीब नहीं। एक पीठ करके खड़ा है। पेड़ों के पत्तों की कामचलाऊ माला बना ली। श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे अधिकारी को बेसिक ड्रिल की भी जानकारी नहीं है एक पैर पीछे है। पीछे नज़र आ रहे आईपीएस के साथ जवान भीड़ की तरह नज़र आ रहे हैं। अनुशासन नहीं। देखिये वो ट्विट जिसमे निंदा की गई है बलिदानियों के शवो के साथ ऐसे रवैये की – 

रिपोर्ट –

राहुल पाण्डेय 

सुदर्शन न्यूज – मुख्यालय नॉएडा 

मोबाईल – 9598805228

Share This Post