“तू तो बजरंग दल का है, कैसे निकलने दें तुझे रमजान में?” ये शब्द किसी मुस्लिम के नहीं बल्कि उड़ीसा पुलिस के हैं.. आखिर ये कैसा न्याय?

उड़ीसा के राउरकेला जनपद के बजरंग दल के कार्यकर्ता विकास कछवाहा जो अपने क्षेत्र में हिंदुत्व के एक प्रमुख चेहरे के तौर पर उभर रहे थे, को उड़ीसा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है तथा विकास से उनके परिवार को भी मिलने नहीं दिया जा रहा है. बता दें कि विकास के खिलाफ कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि विकास कम्यूनल है व् सोशल मीडिया पर आक्रामक लिखता है और पुलिस ने इसे आधार बनाते हुए विकास को गिरफ्तार कर लिया गया. ये कहा गया है कि रमजान का महीना है, इसलिए विकास को बाहर नहीं आने दिया जाएगा.

ये स्थिति उस उड़ीसा राज्य की है जहाँ मुस्लिम आबादी बहुतायत नहीं है. बता दें कि इससे पहले विकास ने मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि व सोशल मीडिया पर भाजपा, आरएसएस, बजरंग दल तथा हिंदुत्व के खिलाफ यहां तक कि हिन्दुस्तान के खिलाफ बेहद ही आपत्तिजनक पोस्ट कर रहे हैं, लेकिन उड़ीसा की पुलिस ने विकास की शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की, जिसके बाद विकास ने पुलिस पर सवालिया निशान खड़े किये किये थे कि आखिर क्यों पुलिस उनकी शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं कर रही है, किसका दवाब है पुलिस के ऊपर? इसके बाद विकास ने अपने क्षेत्र में रामरथ यात्रा निकाली थी, जिसमें आम जनता का भारी समर्थन मिला था जिसके बाद विकास जिहादी कट्टरपंथियों ने निशाने पर थे क्योंकि संभवतः वह मजहबी उन्मादियों की नापाक साजिशों को कामयाब नहीं होने दे रहे थे. परिणाम सामने है कि विकास आज राउरकेला जनपद की प्लांट साईट पुलिस की गिरफ्त में है.

जरा सोचिये कि जब विकास ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस उस पर मौन साध लेती है लेकिन जब विकास के खिलाफ तथाकथित आपत्तिजनक टिप्पणी की शिकायत दर्ज कराई जाती है तो विकास को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाता है. इस मामले को देखते हुए भी अगर आपको लगता है कि उड़ीसा में मुस्लिम आबादी ज्यादा नहीं है तथा वहां की पुलिस आपका साथ देगी तो संभवतः आप गलतफहमी में हैं क्योंकि अगर ऐसा होता तो आज बजरंग दल के विकास कछवाहा को ये प्रताड़ना न दी जाती. पुलिस के रवैये का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि विकास की गिरफ्तारी के बाद विकास के परिजनों को उनसे नहीं मिलने दिया जा रहा है.

विकास ने जिन मजहबी उन्मादियों ने खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी उनके सारे आपत्तिजनक पोस्ट तथा टिप्पणियों के स्क्रीन शॉट सुदर्शन न्यूज़ के पास मौजूद हैं. उसके बावजूद उन्मादियों की गिरफ्तारी नहीं हुई लेकिन हमेशा राष्ट्रवाद की आवाज उठाने वाले विकास कछवाहा की गिरफ्तारी हो गयी. जो लोग पाकिस्तान जिंदाबाद कहते रहे, हिंदुओं को गाली देते रहे वो आजाद घूम रहे हैं तथा जो विकास भारत माता की जय बोलता था वो पुलिस की गिरफ्त में है. ये सब घटनाक्रम साफ़ संकेत देता है उड़ीसा में भी मजहबी कट्टरपंथ गहरी जड़ें जमा चुका है जिसके बानगी दिखाई देने लगी है. विकास की गिरफ्तारी के बाद बजरंग दल के साथ सभी हिंदूवादी संगठनों में रोष व्याप्त है तथा चेतावनी दी है कि अगर जल्द विकास को नहीं छोड़ा गया तो मजबूरन उग्र प्रदर्शन किया जाएगा. लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि आखिर वो सी शक्तियाँ हैं जिनके दबाब में आकर राष्ट्र की सेवक कही जाने वाली पुलिस एकतरफा कार्यवाही कर रही है.

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