प्याज बेच कर भारी घाटा उठाया था किसान ने.. फिर दहाड़े मार कर रोया और निकल गये प्राण . घटना कमलनाथ शासित मध्यप्रदेश की

किसानो की जिन समस्याओ का उचित निदान का वादा कर के मध्य प्रदेश में कांग्रेस एक लम्बे समय के बाद सत्ता में आई थी आख़िरकार उसी वादे पर खरी उतरती नहीं दिख रही है कमलनाथ की सरकार . यहाँ विडम्बना ये भी है कि मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री इन मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय केवल वन्देमातरम को बंद करवाने पर अपना तमाम जोर लगते दिख रहे हैं . एक हृदय विराद्क घटना ने सबका ध्यान एक बार फिर से खींच लिया है मध्यप्रदेश की तरफ वहां के मुख्यमंत्री को छोड़ कर .

ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में प्याज के दाम लगातार गिरते जा रहे हैं ऐसे हालत में प्याज उत्पादक किसान जहाँ पहले से ही प्याज के गिरते दाम को लेकर परेशान हैं तो वही अब इसके और भी गम्भीर परिणाम देखने को मिल रहे हैं . अब ताजा मामला एक किसान की हृदय विराद्क मौत के साथ आया है जो अपनी पूरी कमाई लगाने के बाद भी भारी घाटे में चला गया . वो एक बार अपने हाथ में पड़े रुपयों को देखता तो दूसरी तरफ दहाड़े मार मार कर रोता था . आख़िरकार उसको एक गहरा हार्ट अटैक आया और उस अन्नदाता ने वहीँ पर प्राण त्याग दिए . ये घटना उस प्रदेश की जहाँ सत्ता जोर आजमाइश कर रही वन्देमातरम को बंद करवाने के लिए .

घटना स्थल भी कभी किसानो की आवाज को हिंसक स्वरूप देने के लिए आरोपित हुए जीतू पटवारी के इलाके मंदसौर की है जहाँ की कृषि उपज मंडी में यह किसान प्याज बेचने आया था,प्याज के दाम जैसी उम्मीद थी वैसे नहीं मिले किसान को अचानक हार्ट अटैक हुआ और उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। प्याज के भाव 50 प्रति क्विंटल से लेकर 800 प्रति क्विंटल बिक रहे हैं। लेकिन एवरेज भाव 300 से 400 प्रति क्विंटल है। इसमें किसानों की लागत भी नहीं निकल रही है लागत तो दूर जो किसान प्याज तैयार करके मंडी में लाते हैं उसको लाने का खर्चा भी किसानों की हाथ नहीं लग रहा है।

मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के उजागरिया गांव का किसान भेरूलाल मालवीय अपना 27 क्विंटल प्याज लेकर आया था। मंडी में उसने बेचने के लिए लगाया बदले में उसे मिले केवल 10045 रुपये, 372 प्रति क्विंटल के मन से प्याज बिका तो किसान गहरे सदमे में चला गया। व्यापारी से भुगतान लेकर के आया तो अचानक उसके सीने में दर्द हुआ तुरंत उसे चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। भेरूलाल मालवीय का पुत्र रवि भी प्याज बेचने गया था, उसकी आंखों के सामने ही भेरूलाल की मौत हुई थी । रवि ने बताया की प्याज बेचे और अचानक पापा को सीने में दर्द हुआ और उनकी मौत हो गई।

इस हृदय विरादक घटना में मृत भेरूलाल के परिजनों का कहना है कि प्याज के सही दाम न मिलने के कारण उनकी मौत हुई है। यहाँ ध्यान रखने योग्य ये भी है कि भेरूलाल की मौत के पहले भी भालोट गांव के एक किसान गोपाल गायरी को प्याज के दाम सुनकर गहरा सदमा लगा था जो नीलामी के दौरान प्याज़ के भाव सुनकर बेहोश हो गया था जिसने आत्महत्या का प्रयास भी किया था और आत्महत्या करने की बात भी कही थी,और वह अभी भी सदमे में है,

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