पहली बार प्रशासनिक अधिकारी की दहशत से हुआ पलायन.. चुनाव से दौरान योगीराज के खिलाफ “आधिकारिक” साजिश तो नहीं ?


ये समय किसी भी पार्टी या किसी भी सरकार के लिए इतना संवेदनशील है कि एक गलती आने वाले समय का पूरा समीकरण बदल सकती है ..किसी प्रदेश में कार्यरत अधिकारी तो बहुत दूर की बात है, शासन करने वाली पार्टियों ने तो अपने एक एक कार्यकर्ता गहरी नजर बना कर रखी है और किसी भी रूप में कोई गलती न हो पाए इसकी अपेक्षाएं भी कर रखी हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जो कुछ भी हुआ है वो किसी के लिए भी एकदम नए हालात देखने जैसा ही है क्योंकि यहां पलायन होने की खबर है जो कैराना आदि में जनता पहले ही देख चुकी है.. पर ये पलायन एक उच्च स्तर के प्रशासनिक अधिकारी के चलते हुई है जिसने किसी ने देखा तो दूर सोचा भी नही रहा होगा ..

विदित हो कि कांग्रेस पार्टी के दिग्विजय सिंह द्वारा दिया गया बयान कि – “मेरी डिक्शनरी में हिंदुत्व शब्द है ही नहीं” कांग्रेस के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है और उसको तलाश है एक ऐसे राजनैतिक हथियार की जो उसको भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ ब्रह्मास्त्र के रूप में मिले.. अब वही हथियार कांग्रेस को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नकुड़ थानाक्षेत्र से मिलता दिख रहा है जहां एक SDM पर आरोप लगा कर एक पूरे जाट परिवार ने पलायन कर दिया है.. यहां ये ध्यान रखने योग्य है कि सहारनपुर कांग्रेस के कद्दावर नेता और राहुल गांधी तक पहुँच रखने वाले इमरान मसूद का गढ़ है जहां से विपक्षी पार्टी को भाजपा के सबसे फायरब्रांड योगी आदित्यनाथ के खिलाफ एक बड़ा हथियार मिला है..  अभी इस बात का आकंलन किया जा रहा कि कहीं ये राजनैतिक व आधिकारिक मिलन तो नही है ?

ध्यान देने योग्य है कि सहारनपुर के नकुड़ थानाक्षेत्र के गांव शुक्रताल में चौधरी भोपाल सिंह का मामला तूल पकड़ गया। चौधरी भोपाल सिंह पर प्रशासन ने आरोप लगाया है कि वह अपना मकान ग्राम समाज की जमीन में बना रहे हैं, जबकि इस पर भोपाल सिंह का कहना है कि उनका मकान पिछले 20 सालों से यही पर बना हुआ है, और अब जबकि वह इसे तोड़ कर के दोबारा से निर्माण करा रहे हैं हैं तब स्थानीय प्रशासन ने उन्हें मकान बनाने से जबरन रोक दिया है । भोपाल सिंह का दावा है कि वह कानूनी तौर पर इस मकान को बनाने के अधिकारी हैं। उन्होंने ग्राम समाज की जमीन का पट्टा अपने नाम एलॉट करवा रखा है और उन्हें मकान बनाने से नहीं रोका जा सकता, लेकिन दूसरी ओर उप जिलाधिकारी के आदेश से 11 अप्रैल को स्थानीय लेखपाल व प्रशासनिक अधिकारियों ने चौधरी भोपाल सिंह के बनते हुए मकान को रुकवा दिया था और उनके खिलाफ थाने में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा करने व सरकारी काम में दखल देने के आरोप में मुकदमा भी दर्ज करा दिया था।

इस पर पुलिस ने भोपाल सिंह व उनके पुत्र को हिरासत में ले लिया था। जिन्हें बाद में जमानत पर छोड़ा गया था । अब प्रशासन ने भोपाल सिंह के निर्माणरत मकान को ढहाने का नोटिस चस्पा कर दिया है, इसलिए भोपाल सिंह को अब अपना सामान लेकर के गांव से आज पलायन करना पड़ा । उन्होंने सरकार से मांग की है कि मेरे खिलाफ स्थानीय प्रशासन व उपजिलाधिकारी शिव नारायण शर्मा व लेखपाल राजेश चौहान पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर के काम कर रहे हैं, इसलिए इन लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने चाहिए। चौधरी भोपाल सिंह ने कहा कि मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं और भाजपा के राज में ही मेरे साथ अन्याय हो रहा है, इसलिए अगर सरकार ने मुझे न्याय नहीं दिया तो मैं धर्म परिवर्तन करने के लिए भी बाध्य हूंगा। उन्होंने अब अपने परिवार के साथ रोते हुए अपना सामान ट्रैक्टर ट्रॉली में लादकर के शुक्रताल गांव से पलायन कर लिया है, अब देखना यह है कि क्या उन्हें इस मामले में न्याय मिलता है ? फिलहाल अभी इस मामले में SDM के पक्ष को सामने आना बाकी है ..


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share
Loading...

Loading...