UP पुलिस को मिली चुनौती- “रमजान में नहीं गिरफ्तारी नही होगी”.. गैंग्स्टर युसूफ को छुड़ाया, पुलिस की जीप पलटी

कभी कश्मीर हुआ करता था ऐसे दुस्साहसिक वारदातों का स्थान . किसी ने सोचा भी नहीं था कि वो दुस्साहस उस प्रदेश में देखने को मिलेगा जिसका शासन योगी आदित्यनाथ जैसे संतो के हाथो में हो . आये दिन कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए दिन रात अथक मेहनत करने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस को अब चुनौती मिली है गाजीपुर जिले से जहाँ पर एक दुर्दांत अपराधी गैंग्स्टर को पुलिस की कस्टडी से जबरन ये बोल कर छुड़ा लिया गया कि रमजान में किसी की गिरफ्तारी नहीं होने देंगे .

विदित हो कि सुदर्शन न्यूज से अभी पिछले हफ्ते एक ख़ास इंटरवियु में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि किसी भी अपराधी को कानून हाथ मे लेने की छूट नहीं दी जायेगी . इतना ही नहीं उन्होंने साफ कहा था कि पुलिस पर हमला करने वालों को पुलिस उसी अंदाज़ में जवाब देगी . लेकिन गाजीपुर में जो कुछ भी हुआ वो योगी आदित्यनाथ के तमाम दावो पर सवाल खड़े करते हुए ये सोचने पर मजबूर कर देता है कि क्या उत्तर प्रदेश पुलिस मजहबी उन्मादियो की ये चुनौती स्वीकार करेगी ?

ये घटना है उत्तर प्रदेश के जिला गाजीपुर की ..यहाँ पर एक मुस्लिम बहुल गाँव उसिया है जो दिलदारनगर थाना क्षेत्र में आता है . यहाँ पुलिस एक पुराने गैंगस्टर के मामले में उसिया ग्राम प्रधान युसूफ खान को गिरफ्तार करने पहुंची थी। इस दौरान पुलिस के डायल 100 जीप को कुछ गांव वालो ने रोक दिया और बताया अभियुक्त रोजा है इसलिए उन्हें गिरफ्तार करने नहीं दिया जाएगा .. लेकिन कानून और नियम के अनुसार पुलिस इस बात पर कायम रही कि उनकी गिरफ्तारी होनी है .

धीरे धीरे पुलिस को उस गाँव के लोगों ने घेरना शुरू कर दिया और फिर उन्मादी रूप में आ गये . अचानक ही जब संख्या बल बढ़ गया तो भीड़ आक्रामक हो गई और पुलिस वाहन पर पथराव शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस की डायल 100 जीप को नहर में पलट दिया। ग्रामीणों के आक्रोश और मामले को बढ़ता देख किसी तरह पुलिसकर्मी अपनी जान बचाकर भाग निकले.. इतना ही नहीं उसके बाद भी उन्मादियो का उन्माद जारी रहा और उन्होंने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया ..

इसके चलते इस भीषण गर्मी में सैकड़ो यात्री ट्रेन में फंसे रहे .. बाद में कुछ जिले के अन्य थानों की पुलिस फाॅर्स को बुलाना पड़ा और उन्होंने हालत को नियंत्रण में करने की कवायद शुरू की। फ़ोर्स की संख्या बढ़ जाने के बाद भी युसूफ गिरफ्तार नहीं किया जा सका और पुलिस केवल मामले को दबाने में ही लगी रही . इस चुनौती को अब उत्तर प्रदेश की सरकार और पुलिस खिलाफ ऐसे रूप में देखा जा रहा कि क्या रमजान भर में पूरे उत्तर प्रदेश में कोई भी मुस्लिम गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा भले ही वो युसूफ जैसा गैंग्स्टर क्यों न हो ?

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