आतंकियों से मिले पैसे से बाबरी का मुकदमा लड़ रहा सुन्नी वक्फ़ बोर्ड – श्री वेदांती जी, अयोध्या

भगवान के घर में दर पर जो भी आता है वो खाली हाथ नहीं जाता,यह तो इंसान को पता चल गया हैं। लेकिन इंसानी अदालत में और कितनी देर लगती हैं यह

भगवान को जरूर पता चल पाया है। हम बात कर रहे हैं अयोध्या के राम जन्मभूमि मामले की , जो 7 साल से सुप्रीम कोर्ट में अटका हुआ हैं। लेकिन जब से

पीएम नरेंद्र मोदी ने सत्ता को अपने हाथ में संभाला है तब से हिन्दू समुदाय के लोगों को एक आस है कि अयोध्या के राम का निर्माण जल्द से जल्द होगा।

आपको बता दे कि श्रीराम जन्मभूमि न्याय परिषद के सदस्य रामविलास वेदान्ती ने सुन्नी वक्फ बोर्ड पर बड़ा आरोप लगाया है। वाराणसी में वेदान्ती ने आरोप

लगाया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को आतंकवादियों से पैसा मिलता है, और वो चाहते हैं कि राम मन्दिर के मसले पर झगड़ा हमेशा बना रहे। इसके अलावा वेदान्ती ने

ये भी कहा कि 2019 के चुनाव से पहले राम मन्दिर हर हाल में बन जाएगा।
साथ ही वेदान्ती ने अयोध्या विवाद पर पाकिस्तान के साजिश करने की भी बात कही।

उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान यहां के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगड़ना चाहता

है, वो हिंदू-मुसलमानों को लड़ना चाहता है। पाकिस्तान नहीं चाहता की भारत में शांति बनी रहे।
वेदान्ती ने कांग्रेस पर मन्दिर के मामले को राजनीतिक फायदे के लिए लटकाने का आरोप भी लगाया। सुप्रीम कोर्ट में सुन्नी वक्फ़ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल

की 2019 के बाद सुनवाई की अपील पर भी वेदान्ती ने निशाना साधा। वेदान्ती ने कहा, ‘कपिल सिब्बल, सोनियां गांधी और राहुल गांधी को ये डर है कि कहीं राम

जन्म भूमि पर मंदिर बनना शुरू हो गया और इसका शिलान्यास देश का प्रधानमंत्री ने किया तो देश का हिंदू बीजेपी के पक्ष में आ जाएगा।

गौरतलब है कि अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले के 7 साल बाद सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड और अन्य पक्षकारों ने मामले

को 2019 के आम चुनाव तक टालने की अपील की, जिसे कोर्ट ने ठुकराया दिया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 8 फरवरी 2019 को होगी। कोर्ट ने यह भी

साफ कर दिया कि भविष्य में सुनवाई टाली नहीं जाएगी।

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