UP के शहर से चल रहा था “पाकिस्तानी” व्हाट्सएप ग्रुप. जबकि नईम को इलाका समझता था एक अच्छा और नेक इंसान

उसका नाम नईम था . उसको इलाके के लोग बेहद सम्मानित और सुलझा हुआ एक नेक इंसान मानते थे . वो एक जनसेवा केंद्र चलाता था जिस पर हिन्दू मुस्लिम सभी बराबर आते थे और अपना अपना काम करवाते थे लेकिन किसी को नहीं पता था कि वो असल में एक देशद्रोही है जो भारत से ज्यादा प्रेम रखता है भारत के सबसे बड़े दुश्मन , भारत के कई सैनिको और नागरिको की हत्या के जिम्मेदार पाकिस्तान से .. कोई सोच भी नहीं सकता था कि वो भेड़ की खाल में छुपा हुआ एक भेड़िया जैसा है जो भारत के प्रतीकों का अपमान कर के खुश होता था.. लेकिन कहा जाता है कि पाप का घडा एक दिन भरता है है और आख़िरकार वो भर ही गया .

विदित हो कि योगी आदित्यनाथ के शासन में देशविरोधी तत्वों के खिलाफ बेहद सक्रिय उत्तर प्रदेश पुलिस को मिली है एक और बड़ी सफलता जब उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पुलिस ने देशविरोधी पोस्ट शेयर करने वाले व्हाट्सऐप ग्रुप तथा उसके एडमिन को सतर्क बिजनौर पुलिस ने गिरफ्तार किया है . इस देशविरोधी कार्य करने वाले का नाम है नईम जो इसी ग्रुप का एडमिन भी है और वो तमाम लोगों अपनी पाकिस्तान परस्त विचारधारा से जोड़ भी रहा था .  ध्यान देने योग्य है कि यह व्हाट्सऐप ग्रुप पाकिस्तान का है जिसे ‘जोश’ नाम से चलाया जा रहा है। इस ग्रुप में करीब 150 लोग हैं. इस ग्रुप में भारत के राष्ट्रीय प्रतीक चिन्हों तथा राष्ट्र के समानजनक चीजों का मजाक बनाया गया तथा अश्लील आपत्तिजनक पोस्ट शेयर की गई। हिंदू जागरण मंच के जिला उपाध्यक्ष दीपक बमनौली दोघट थाने में इस व्हाट्सऐप ग्रुप के खिलाफ केस दर्ज कराया।

इस ग्रुप की शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच-पड़ताल शुरू की। इस दौरान इस ग्रुप का एडमिन नईम पुलिस के हत्थे चढ़ गया। नईम पलड़ा गांव का रहने वाला है जो एक जनसेवा केंद्र चलाता है।, बता दें कि इस ग्रुप में बागपत के ही तीन लोगों को सदस्य बनाया गया था। इन्हीं के शिकायत पर हिंदू संगठन के लोगों ने इस बात की शिकायत पुलिस से की। जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रुप एडमिन नईम को गिरफ्तार कर लिया। इस ग्रुप में भारत विरोधी पोस्ट तथा पाकिस्तान संबंधित कमेंट, फोटो और वीडियों शेयर किए जाने की वजह से इलाके में तनाव का माहौल पैदा हो गया है। इस मामले में गिरफ्तार हुए ग्रुप एडमिन नईम का कहना है कि उसे एक लिंक के माध्यम से ग्रुप में गिरफ्तारी के 10-15 ही जोड़ा गया था। हालांकि पुलिस अभी पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हुई है ताकि और जानकारी मिल सके।

 

 

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