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दीपक को उसकी सास ने कहा- “दामाद उसी दिन मानेंगे, जिस दिन कबूल कर लोगे इस्लाम”

दीपक ने मुस्लिम लडकी से शादी की थी. दोनों का जीवन हंसी खुशी चल रहा था तभी दीपक की पत्नी किसी बात पर गुस्सा होकर अपने मायके चली गई. इसके बाद जब दीपक अपनी पत्नी को वापस लाने के लिए ससुराल गया तो उसकी सास ने जो कहा, उसे सुन दीपक दंग रह गया. दीपक की सास ने कहा कि तुमको हम तभी दामाद मानेंगे तथा अपनी बेटी को वापस भेजेंगे जब तुम मुसलमान बन जाओगे. दीपक ने अब कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई है.

मामला मध्य प्रदेश के इंदौर का है. शहर के द्वारकापुरी में रहने वाले दीपक का कहना है कि बीते 17 जून 2016 को शहनाज के साथ आर्य समाज मंदिर औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में उसका विवाह हुआ था. इस दौरान शहनाज ने अपना नाम बदल लिया तथा वह शहनाज से प्रियंका बन गई थी.  28 जुलाई 2017 को उनकी एक बेटी भी हुई. कुछ दिनों तक सब कुछ ठीक चला, लेकिन 2 जुलाई को किसी बात पर गुस्सा होकर प्रियंका अपने पति और बेटी पीहू को सोता हुआ छोड़कर चली गई.

दीपक ने जब तलाश शुरू की तो पता चला कि वह अपनी मां के घर में है. जब वह अपनी बीवी को लेने अपने ससुराल पहुंचा तो उसकी मां रुकैया बी और उसकी बहनें उसके साथ मारपीट करने लगे. पत्नी के परिवार वालों का कहना है कि तू पहले अपना धर्म बदल, तब हम तेरी पत्नी को भेजेंगे. इस पर जब दीपक ने कहा कि बच्ची अपनी मां के लिए रो रही है, तब भी उनका दिल नहीं पसीजा. यहां तक कि किसी ने उसे उसकी पत्नी से मिलने तक नहीं दिया.

दीपक का कहना है कि उनकी दो साल की बेटी पीहू अपनी मां को याद कर उठ-उठकर बैठ जाती है. स्थिति यह है कि वो बेटी को पत्नी के पास छोड़ भी नहीं सकता, क्योंकि वहां का माहौल ठीक नहीं है. ऐसे में बेबस पति ने अपनी पत्नी को सास के चंगुल से छुड़वाने की गुहार लगाई है. ताकि बच्ची को उसकी मां मिल जाए. दीपक ने कहा कि उसकी पत्नी जरूर आना चाहती होगी, लेकिन उसे दबाकर रखा गया है, उससे मिलने तक नहीं दिया जा रहा.


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