टूट रहा है पुलिसकर्मियों का धैर्य… पटना में महिला सिपाही की मौत के बाद अधीनस्थों ने अपने ही अधिकारियों को दौड़ा दौड़ा कर मारा

जो पुलिसकर्मी कल तक अपने वरिष्ठ अधिकारियों का नाम सुनते ही सैल्यूट करने लगते थे वो आज उन पर हमला कर रहे थे, उन्हें दौड़ा दौड़ा कर पीट रहे थे. जो पुलिसकर्मी कल अपने अधिकारियों को देखते ही खड़े हो जाते थे, आज उनके हाथ में डंडा तथा अपने अही सीनियर अधिकारियों पर बरस रहा था. घटना बिहार की राजधानी पटना की है जहाँ एक महिला पुलिसकर्मी की डेंगू से मौत के बाद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी सड़क पर उतर आये तथा अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया.

बता दें कि पुलिसकर्मी सविता पाठक की डेंगू की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी. सविता की मौत के बाद डेंगू से पीड़ित होने के बावजूद उसे छुट्टी नहीं देने का आरोप लगाकर जवानों ने हंगामा शुरू कर दिया. जवानों का कहना था कि बीमार अवस्था में भी उससे ड्यूटी करायी गयी जिस कारण सविता ने दम तोड़ दिया. महिला जवान मूल रूप से सीवान जिले की रहने वाली थी. आक्रोशित महिला रंगरूटों ने सबसे पहले पुलिस लाइन के डीएसपी मो. मसलेहउद्दीन को टारगेट किया. सभी उनके घर में घुसकर हंगामा करने लगे. यह देख लाइन डीएसपी अपने दफ्तर में गये और सिपाहियों को समझाने की कोशिश की. अभी वे दफ्तर में ही थे कि सैकड़ों महिला सिपाही और रंगरूट वहां जमा हो गयीं और तोड़फोड़ शुरू कर दी.

कार्यालय में रखे टीवी, फर्नीचर और शीशे को तोड़ डाला. यह देख लाइन डीएसपी पीछे हटे तभी सिपाहियों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडे से पिटाई कर दी. लाइन डीएसपी के बॉडीगार्ड उमेश और अन्य तीनों जब उन्हें बचाने गये तो उन्हें भी चोट आयी. इसके बाद आक्रोशित सिपाही पुलिस लाइन में स्थित सार्जेंट मेजर आशीष सिंह के घर में घुसकर हंगामा किया. पुलिस लाइन में बवाल होने की खबर मिलते ही ग्रामीण एसपी आनंद कुमार मौके पर पहुंचे. एसपी ग्रामीण अभी बात ही कर रहे थे कि नये सिपाहियों ने उन पर भी हमला कर दिया. एकाएक सैकड़ों जवान एसपी पर टूट पड़े और उनकी पिटाई कर दी. जैसे तैसे एसएसपी पुलिस लाइन के अंदर गये. उन्होंने महिला सिपाहियों को समझाया. उन्हें अपनी मांग लिखित रूप से देने को कहा गया. तब कहीं जाकर दोपहर ढाई बजे हालात काबू में आये.

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