चेकिंग के लिए हाथ भर दिया पुलिस ने उसे… फिर पूरे थाने का हुआ वो हाल जो हुआ म्यांमार में बौद्धों के साथ

एक तरफ तो जनता कहती है कि पुलिस अपना काम ढंग से नहीं करती तो वही दूसरी तरफ जनता ही पुलिस के काम में बांधा डाल रही है। तो फिर क्यों कानून व्यवस्था पर सवाल उठाये जाते है? क्यों जनता कानून व्यवस्था पर ऊगली उठाती है ? पुलिस का काम ही जनता की समस्याओ को सुलझाना है तो क्यों आज जनता ही पुलिस के लिए समस्या बन गयी है ?

जयपुर के रामगंज थाने का मामला सामने आया है जहा कुछ असमाजिक तत्वों ने रामगंज थाने पर जमकर उपद्रव किया।

बता दे कि रामगंज थाना पुलिस बाजार में अतिक्रमण हटाने व वाहनों की चैकिंग का काम कर रही थी जिसके चलते एक युवक को पुलिसकर्मी का डंडा जा लगा ,तब तो उसने कुछ नहीं कहा और वहा से चला गया लेकिन कुछ देर बाद ही वो अपने पक्ष के लोगो को लेकर वहा आ गया। धीरे धीरे भीड़ जमा होना शुरू हो गयी।

समुदाय विशेष ने भीड़ को भड़काया और देखते ही देखते भीड़ ने थाने में नारेबाजी की और पुलिसकर्मी जिससे युवक के डंडा लग गया था उसके खिलाफ कार्यवाही की मांग की।

मामले ने तूल पकड़ना शुरू किया और थोड़ी ही देर में भीड़ में उपस्थित असमाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया। भीड़ में कई लोगो ने अपने मुँह पर कपडा बांध रखा था। भीड़ ने उपद्रव में पुलिस को अपना शिकार बनाया इतना ही नहीं मिस्डियकर्मी भी इससे अछूते नहीं रहे। इस उपद्रव में दस पुलिसकर्मी घायल हुए ,जिसमे से एक की हालत बहुत गंभीर है और एक की मौत हो गयी। वही दूसरी ओर उपद्रव को कैमरा में कैद कर रहे मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट की और उनके कैमरे भी छीन लिए।

बेकाबू होती भीड़ को समझाने के लिए वहा सीएलजी व शांति समिति के अधिकारी भी आ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बताया जा रहा है कि पुलिस ने आसूंगैस का इस्तेमाल भी किया लेकिन अभी तक इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। बिगड़ती स्थिति को ध्यान में रखकर भारी पुलिस बल का इंतजाम किया गया।
  

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