औरतों ने कहा- गाय हमारी मां है, हाथ जोड़ते है इसे मत काटो. यह सुनते ही अहम अली ने गौमाता की छुरी उन औरतों के ही घोंप दी

हाल ही में मोदी सरकार ने गौहत्या पर रोक लगाने के लिए क़ानून पारित किया। इस क़ानून के अंतर्गत गायों की हत्या को कानूनी रूप से अपराध माना गया है। मोदी सरकार के पर्यावरण मंत्रालय के इस फैसले का विरोध कई जगहों में किया गया। केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सरेआम गाय को काटा गया।

कुछ इसी तरह की घटना सामने आयी है जहां गाय की हत्या को रोकने वाली दो महिलाओं पर जानलेवा हमला किया गया। पुलिस ने शनिवार को असम के बिश्वनाथ जिले में एक मुस्लिम व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसने कथित रूप से दो आदिवासी महिलाओं पर हमला किया था। महिलाओं ने उसे गाय की हत्या करने से रोकने की कोशिश की थी। पुलिस ने बताया कि अहम अली ने शुक्रवार को दिरिंगपाथर गांव में अपने घर में कथित रूप से गाय का कत्ल किया था।

दिरिंगपाथर गांव अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगा हुआ है। गांव में ज्यादातर रहने वाले लोग मुस्लिम व आदिवासी है। इन दो आदिवासी महिलाओं ने अली को गौहत्या ना करने को कहा। जिसको सुनकर अली को गुस्सा आ गया और उसने उन दो आदिवासी महिलाओं पर छुरी से हमला कर दिया। महिलाओं की पहचान बोधेश्वरी गोस्वामी(40) और भांति मलिक(42) के रूप में हुई है।

भीड़ के एकत्रित होने के बाद अली वहा से भागता बना। दोनों महिलाओं को बिश्वनाथ चरियाली कस्बे के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। भांति मलिक के चेहरे पर चोट लगी थी। उसे बाद में तेजपुर मेडिकल कॉलेस अस्पताल में शिफ्ट किया गया। जिले के पुलिस अधीक्षक दिगंता चौधरी ने कहा, हमने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

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