किस ने निकाली थी पटरियों से वो प्लेटें जो एक बार फिर बन सकती थी मौत का कारण.. वो भी उसी जिले में

आखिर अब आतंकवादी रेल ट्रैक को क्यों निशाना बनाना चाहते है। क्या कारण है जो आज मोदी सरकार में इतने रेल हादसे हो रहे क्या ये विरोधियो की कोई चाल तो नही है जो केंद्र के मोदी सरकार को चुनोती दे रही है। कहीं उत्कल एक्सप्रेस और कैफियत एक्सप्रेस इनका मास्टर प्लान तो नही था। आये दिन हो रहे रेल हादसे के पीछे कहीं न कही कोई आतंकवादि का तार जरूर जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। खतौली के उत्कल हादसे का जख्म भरा भी नही है कि वहीं दूसरी ओर कुछ देशद्रोही दूसरी घटना का अंजाम कैफियत एक्सप्रेस के रूप में जख्म को हरा करने में नही चुके।

रेलवे का एक महत्वपूर्ण विभाग रेल पथ विभाग को आतंकवादी अपना निशाना बना रहे है। खतौली के उत्कल हादसे को अभी लोग भूले भी नहीं हैं। आज कल आतंकवादियों की निगाह रेल पथ पर टिकी हुई है जहाँ एक तरफ रेल को निशाना बनाना आसान है वही इसमें बम्ब बिस्फोट से ज्यादा जाने जाती है क्यों की इनका मकशद ही होता है जिहाद ।इस बार भी ये भी इन लोगो का प्लान देश को दहलाने का बन चुका था। लेकिन रेल विभाग की सतर्कता से एक बहुत बड़े हादसे को टाल दिया 23 अगस्त को गली नंबर चौदह के पास मेन लाइन पर हरिद्वार की ओर क्लिपें गायब, हटी या निकली मिली थीं। इसके बाद शु़क्रवार को मुजफ्फरनगर के रेलवे स्टेशन पर मेन लाइन पर भी इसी प्रकार का नजारा सामने आया।
रेलवे में पथ की देखभाल को लेकर एक अलग विभाग को जिम्मेदारी दी गयी है, जिसे रेल पथ निरीक्षक विभाग (पीडब्ल्यूआई) कहा जाता है।और इसी विभाग की सतर्कता से ये दुर्घटना होते होते बच गयी अगर रेल पथ निरीक्षक की नजर निकली हुई क्लिप पर न जाती तो एक बहुत बड़ा दुर्घटना हो सकती थी ।आप को बताते चले की जब से उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटना ग्रस्त हुई है तब से सभी लाईनो की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है हर रूट पर रेल विभाग की नजर रहती है।उत्कल हादसे के बाद खतौली सहित आसपास के ट्रैक को चैक किया जाता है।
जिसके चलते हादसे के दूसरे दिन ही ट्रैक पर निकली मिली क्लिपों को देखकर हंगामा करते हुए नौचंदी एक्सप्रेस का रूकवा दिया गया था। लेकि ध्यान देने की बात यह है कि ये क्लिप केवल मुज़फ्फर नगर में ही क्यू निकली जाती जिसको लेकर सरकार को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है इस पीडब्ल्यूआई विभाग की जिम्मेदारी सकौती से लेकर टपरी तक की है, अनेक स्थानों पर ट्रैक पर से गायब, निकली व हटी पड़ी क्लिपें इस बात की तरफ इशारा करता है कि कही न कही आतंकियों की ये साजिश है जिससे ज्यादा से ज्यादा जान माल का नुकसान किया जा सके विभाग की अपने कार्य के प्रति की गवाही दे रही हैं। पीडब्ल्यूआई का मुख्य कार्यालय मुज़फ्फर नगर में है रेल विभाग ने रेल पटरियों की सुरक्षा का जिम्मा इनको ही दिया है।
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