हिन्दुओं को इक़बाल के इशारे पर तोड़ रही भीम आर्मी पर पुलिस का शिकंजा, जारी हुआ रावण के खिलाफ गैरजमानती वारंट


सहारनपुर जातीय हिंसा की घटना के बाद सुर्खियों में आये भीम सेना के संस्थापक रावण उर्फ़ चंद्रशेखर को यूपी पुलिस के साथ-साथ स्पेशल टास्क फ़ोर्स को भी इसकी तलाश है। 5 मई को सहारनपुर जिले शब्बीरपुर गांव में दलितों के घर जलाऐ जाने के कारण चंद्रशेखर ने दलितों को हिंसा भड़काने के लिए उकसाया था। जिसमें हिंसा के मुख्य रूप से भड़काने के लिए भीम सेना के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ़ रावण के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है और गैरजमानती वारंट भी जारी किया है।

सहारनपुर हिंसा के आरोपी चंद्रशेखर ने योगी सरकार को खुलकर धमकी भी दी थी। आपको बता दें की भीम आर्मी के संस्थापक रावण पर सहारनपुर के DIG ने 12 हजार का इनाम भी रखा है। यूपी पुलिस को अभी तक रावण का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने भीम आर्मी के तीन और पदाधिकारियों पर भी 12-12 हजार का इनाम रखा है। इसके अलावा भीम आर्मी के चार और सदस्यों पे भी 12-12 हजार का इनाम रखा गया है।
 
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर ने इक़बाल बाला के कहने पर ही जातीय हिंसा को भड़काने एंव दलितों और ठाकुरों के बीच हिंसा को आंजम दिया था। इक़बाल बाला ने ही चंद्रशेखर को पैसे और साधन की सुविधा भी मुहैया करवाई थी। सहारनपुर में दलितों और ठाकुरों के बीच जातीय हिंसा को लेकर भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ़ रावण के खिलाफ सहारनपुर थाने देहात में कई मुक़दमे दर्ज है।

चंद्रशेखर ने सहारनपुर के डीएम और एसएसपी के बारे भी आपत्तिजनक शब्द कहे थे। रामनगर में हिंसक घटनाओं और देहात कोतवाली में भी केश दर्ज है। अब यूपी पुलिस को इक़बाल बाला के साथ-साथ चंद्रशेखर और भीम आर्मी के अन्य पदाधिकारियों की तलाश भी है।

क्या है भीम आर्मी, चंद्रशेखर ने क्यों की भीम आर्मी की स्थापना, क्या बदलाव करना चाहता है रावण

दलितों और ठाकुरों के बीच यूपी का सहारनपुर में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। भीम आर्मी दलितों का एक संगठन है। जिसकी स्थापना पेशे से वकील चंद्रशेखर उर्फ़ रावण ने दो साल पहले सन् 2015 में इस संगठन के तौर पर भीम आर्मी के सेना की स्थापना की थी टीम सात राज्यों में फैली हुई है।   


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share