बिजनौर पुलिस के सिपाही कमल शुक्ला के विरोध में लाखों खड़े होने वाले काश एक बार तारीफ कर दें हरिद्वार पुलिस कांस्टेबल तोमर की, जिन्होंने अपनी अपनी जान जोखिम में डालकर बचा लिया 14 साल के इरफान को…

समय-समय पर हम पुलिसकर्मियों की सच्ची निष्ठां, अनुबद्धता, समर्पण और जज्बे से रूबरू तो होते ही है पर इस बार एक पुलिसवाले के इंसानियत और अदम्य साहस की खबर को पढ़कर आप की सोच को एक सकारत्मक नजरिया मिलेगा की अपने देश में ऐसे भी पुलिस वाले है। गौरतलब है कि उत्तराखंड के हरिद्वार में एक पुलिसकर्मी जिसका नाम कुंपाल तोमर है जिसने अपने साहस से ऐसा काम किया है, जिससे हम सब उनके सम्मान में सैल्यूट किए बिना नहीं रह पाएंगे। 
जानकारी के मुताबिक, 1 जुलाई को शाम 6 बजे के आस-पास का समय था। कुंपाल तोमर एसएसपी कार्यालय रोशनाबाद (हरिद्वार, उत्तराखंड) से अपनी ड्यूटी खत्म होने के बाद  बाइक से कोतवाली गंगनगर लौट रहे थे। इसी दौरान रुड़की के नए पुल पर कुछ लोग बचाओ-बचाओ चिल्ला रहे थे। कुंपाल ने पास जाकर देखा तो एक बच्चा गंगनहर में बीच धारा में डूब रहा था। लोगों की भीड़ काफी थी, लेकिन किसी ने उस बच्चे को बचाने का साहस नहीं किया। 
गंगनहर में पानी का बहाव भी काफी तेज था। कुंपाल ने बिना वक्त गंवाए अपनी वर्दी व जूते उतारे और गंगनहर में छलांग लगा दी। काफी मशक्कत के बाद कुंपाल सकुशल बच्चे को बचाकर बाहर ले आए। 14 साल के इस बच्चे ने अपना नाम समद पुत्र इरफान बताया। बच्चा रुड़की के अंबर तालाब का रहने वाला है। बच्चे की जान बचाने पर लोगों ने कुंपाल के साहस की सराहना की। 
इसके बाद कुंपाल अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपनी ड्यूटी पर लौट गए। कुंपाल ने बहादुरी और अदम्य साहस का एक ऐसा अनोखा उदाहरण पेश किया है, जिसे सुनकर लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास और ज्यादा बढ़ेगा। कुंपाल की कहानी को आईपीएस अधिकारी नवनीत सिकेरा ने अपने फेसबुक पेज पर साझा करते हुए कुंपाल को पुलिस का वीरता सम्मान दिलवाने की बात कही है।
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